तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के शाहीन नगर और सादाथ नगर क्षेत्रों में मतदाताओं की जानकारी जुटाने के लिए विशेष सघन अनुकरण (SIR) की प्रक्रिया जमीनी स्तर पर शुरू हो गई है. दरवाजे-दरवाजे पहुंचकर सर्वे करने वाली टीमों की तस्वीरें सामने आई हैं, जो यह दर्शाती हैं कि चुनाव आयोग (ECI) का यह महत्वाकांक्षी अभियान तेलंगाना में भी जल्द ही औपचारिक रूप ले लेगा.
देश के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की घोषणाओं और जनवरी 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मद्देनजर इन गतिविधियों ने राज्य में एक तरह से चुनावी बिसात को साफ करने का काम शुरू कर दिया है.
दिसंबर 2025 में तेलंगाना में SIR को लेकर क्या बोले थे CEC?
दरअसल, चुनाव आयोग ने देशव्यापी स्तर पर मतदाता सूचियों को शुद्ध करने के लिए SIR प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है. बिहार में इसका पहला चरण पूरा हो चुका है, जबकि छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में दूसरा चरण चल रहा है या पूरा होने वाला है.
हालांकि, तेलंगाना अभी आधिकारिक तौर पर दूसरे चरण की सूची में शामिल नहीं है, लेकिन स्थानीय स्तर पर दिख रही गतिविधियां और तैयारियां कहीं ज्यादा तेज हैं. दिसंबर, 2025 में हैदराबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया था कि तेलंगाना में SIR जल्द रोलआउट होगा और यह बिहार की तरह ही एक 'रोल मॉडल' साबित होगा.
राज्य में हर लेवल पर युद्ध स्तर पर चल रहा काम
मैदानी रिपोर्टिंग और सूत्रों के अनुसार, शाहीननगर और सादाथनगर में दिखी सर्वे टीमें इस बात का संकेत हैं कि प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है. तेलंगाना के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) भी इसकी तैयारियों को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारियों (DEOs) और निर्वाचन निबंधन अधिकारियों (EROs) के साथ लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर रहे हैं. इतना ही नहीं, 2002-2004 की पुरानी मतदाता सूचियों को लिंक करने का काम भी युद्ध स्तर पर चल रहा है, ताकि हर वोटर की पहचान को सत्यापित किया जा सके.
चुनाव आयोग की गतिविधि से मिल रहे संकेत
फिलहाल, तेलंगाना के लिए कोई विशिष्ट तारीख की आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं हुई है, लेकिन चुनाव आयोग ने SIR जल्द शुरू होने का संकेत दे दिया है. यह प्रक्रिया मतदाता सूची को न केवल अद्यतन करेगी, बल्कि इसे बेदाग और पारदर्शी भी बनाएगी. जमीनी हकीकत यह है कि शाहीननगर में शुरू हुई यह मैपिंग गतिविधि प्रदेश में आने वाले चुनावी दौर की शुरुआत की ओर इशारा कर रही है.