शबरिमला मंदिर सोना चोरी मामले में केरल हाईकोर्ट ने बुधवार (4 फरवरी, 2026) को कहा कि एसआईटी की जांच अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और फिलहाल जांच को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को ट्रांसफर करने की कोई जरूरत नहीं है. कोर्ट ने उस वक्त ये बातें कही हैं जब वह उन याचिकाओं के एक समूह की सुनवाई कर रहा था, जिनमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर की एक याचिका भी शामिल थी इस याचिका में जांच सीबीआई को सौंपने की मांग की गई थी.
पीटीआई ने कहा कि अदालत के सूत्रों के अनुसार, जस्टिस राजा विजयराघवन वी और जस्टिस के वी जयकुमार की बेंच ने कहा कि वह विशेष जांच दल (SIT) के काम से अवगत है. ये टिप्पणियां कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) के लिए एक झटका होंगी, जो दावा कर रहा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय एसआईटी में हस्तक्षेप और दबाव डाल रहा था, जिसके कारण आरोप पत्र दाखिल करने में देरी हुई.
इस मुद्दे पर यूडीएफ राज्य विधानसभा में विरोध प्रदर्शन कर रहा है और मंगलवार और बुधवार को उसने सदन के कामकाज को बाधित किया. इसी बीच, कोर्ट ने जांच के संबंध में सकारात्मक रुख अपनाते हुए सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा के इस दावे का समर्थन किया कि जांच सही ढंग से आगे बढ़ रही है. सूत्रों के अनुसार, बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी एक अच्छी इकाई है जिसमें सक्षम अधिकारी हैं और वे उनके काम पर सवाल उठाकर उनका मनोबल नहीं गिराएंगे.
कोर्ट ने यह भी कहा कि वह जांच पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है और एसआईटी की ओर से उजागर की गई सभी बातों से अवगत है. एसआईटी शबरिमला स्थित भगवान अयप्पा मंदिर के द्वारपाल (संरक्षक देवता) की मूर्तियों और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों से कथित तौर पर सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों की जांच कर रही है.
इन मामलों में अब तक 12 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और गिरफ्तार आरोपियों में से तीन को निर्धारित 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में देरी के कारण वैधानिक जमानत पर रिहा कर दिया गया है. मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी को भी दोनों मामलों में वैधानिक जमानत मिल गई है और जमानत बांड जमा करने के बाद उनकी रिहाई की उम्मीद है.