भागलपुर की तिलकामांझी यूनिवर्सिटी में UGC के नए नियमों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. सुप्रीम कोर्ट द्वारा अंतरिम रोक लगाए जाने के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन नियमों को लागू करने का आदेश जारी कर दिया गया. साथ ही छात्रों की शिकायतों के निवारण के लिए एक कमेटी बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई. मामला सामने आने के बाद कुलपति ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित आदेश को रद्द करने के निर्देश दिए और कुलसचिव को शो-कॉज नोटिस भेजा. इस पूरे घटनाक्रम के बाद छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है और प्रशासनिक प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं.
मामला बढ़ने पर कुलपति प्रोफेसर विमलेंदु शेखर झा ने इस फैसले पर नाराजगी जताई, उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति के बिना इस तरह का नीतिगत निर्णय लागू नहीं किया जा सकता. कुलपति ने कुलसचिव डॉ. रामाशीष पूर्वे को शो-कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा और आदेश को तुरंत वापस लेने के निर्देश दिए.
ABVP ने शुरू किया विरोधआदेश जारी होने की खबर मिलते ही छात्र संगठन ABVP ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. संगठन के कार्यकर्ताओं ने कुलपति से मुलाकात कर आदेश रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग रखी. उनका कहना है कि जब मामला अदालत में विचाराधीन है, तब इस तरह का कदम उठाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है.
छात्रों और शिक्षकों में भ्रम की स्थितिछात्र संगठनों का आरोप है कि इस फैसले से विश्वविद्यालय के छात्रों, शिक्षकों और कॉलेज प्रशासन के बीच भ्रम पैदा हो गया है. उनका कहना है कि इससे समस्याओं का समाधान होने के बजाय तनाव बढ़ सकता है.
UGC नियमों को लेकर पहले से चल रहा है विवादUGC ने हाल ही में एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के साथ भेदभाव रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिनमें शिकायत निवारण समिति बनाने का प्रावधान शामिल है. हालांकि, कुछ वर्गों के छात्रों ने इन नियमों का विरोध भी जताया है. अब इस मुद्दे पर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक और छात्र संगठनों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है.
और पढ़ें: BPSC ने जारी किया 2026 का एग्जाम कैलेंडर, जुलाई में होगा CCE; जानें दूसरे एग्जाम्स की डेट्स