खेल: 'रोहित-कोहली को खेलना जारी रखना चाहिए' और इस वजह से कमेंट्री नहीं करते धोनी
Navjivan Hindi February 05, 2026 06:42 AM
रोहित-कोहली को खेलना जारी रखना चाहिए, टी20 विश्व कप में खतरनाक साबित होगा भारत: धोनी

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने सीनियर बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा का समर्थन करते हुए कहा है कि उन्हें कोई यह न बताए कि वे खेलना जारी रख सकते हैं या नहीं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारतीय टीम घरेलू धरती पर होने वाले टी20 विश्व कप में खतरनाक साबित होगी।

धोनी ने खेल प्रसारक जतिन सप्रू के साथ एक साक्षात्कार में भारतीय क्रिकेट पर अपने विचार व्यक्त किए।

लगभग आधे घंटे की बातचीत के दौरान जब रोहित (38 वर्ष) और कोहली (37 वर्ष) के 2027 वनडे विश्व कप खेलने की संभावना को लेकर बात हुई तो धोनी ने पहले चुटकी लेते हुए कहा, ‘‘माफ़ कीजिए, सवाल क्या है।’’

लेकिन धोनी ने तुरंत ही गंभीर लहजा अपनाते हुए पूछा, ‘‘क्यों नहीं। किसी को विश्व कप क्यों नहीं खेलना चाहिए। मेरे लिए उम्र कोई मापदंड नहीं है। मेरे लिए प्रदर्शन और फिटनेस ही मापदंड हैं। मेरा मानना है कि किसी को कुछ भी बताने की जरूरत नहीं है। लेकिन यह स्पष्ट होना चाहिए कि सबके साथ एक जैसा व्यवहार किया जाएगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने पदार्पण किया तब मैं 24 साल का था। किसी ने मुझे कुछ नहीं कहा और अब जब मैं 10 साल या 20 साल से भारत के लिए खेल रहा हूं, तो किसी को आकर मेरी उम्र के बारे में बताने की जरूरत नहीं है।’’

यह 44 वर्षीय खिलाड़ी अब भी आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलता है। धोनी ने कहा कि टीम में अनुभव काफी महत्व रखता है।

उन्होंने कहा, ‘‘चाहे रोहित हों या विराट या अगले पांच वर्षों में उभरने वाले अन्य खिलाड़ी। वे अगला विश्व कप खेल सकते हैं या नहीं, यह तय करना हमारा काम नहीं है। यह उनका काम है। अगर वे अच्छा खेलते रहते हैं। अगर उनमें देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करने की इच्छा है, तो फिर वे क्यों नहीं खेल सकते।’’

आंकड़ों के मामले में कच्चा हूं, इसलिए कमेंट्री नहीं करता: धोनी

भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने कमेंट्री करने की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है और कहा कि वह आंकड़ों के मामले कच्चे हैं और इसलिए इस भूमिका में नहीं उतरते हैं जो संन्यास लेने के बाद खिलाड़ियों का सबसे प्रिय काम रहा है।

भारत ने इस 44 वर्षीय खिलाड़ी की अगुवाई में आईसीसी की तीन ट्रॉफी जीती हैं लेकिन 2020 में संन्यास लेने के बाद से उन्होंने खेल से जुड़े मुद्दों पर शायद ही कभी अपने विचार व्यक्त किए हैं। क्रिकेट से उनका जुड़ाव अब केवल चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलने तक ही सीमित है।

धोनी ने यूट्यूब पर स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टर जतिन सप्रू के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘कमेंट्री करना बहुत मुश्किल है। मुझे लगता है कि खेल का आंखों देखा हाल सुनाने और उस प्रक्रिया में खिलाड़ियों की आलोचना करने के बीच बहुत मामूली अंतर होता है। यह अंतर बहुत ही नाजुक होता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘अक्सर, आपको इस बात का अहसास भी नहीं होता कि आप जो कर रहे हैं वह शायद थोड़ा गलत है। आप हमेशा उस स्थिति में रहना चाहेंगे जहां आप खेल का वर्णन कर रहे हों। अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है तो आप उसे खुलकर बोल देते हैं।’’

धोनी ने कहा, ‘‘लेकिन इसे पेश करना भी एक कला है। अपनी बात शालीनता से कैसे कही जाए ताकि किसी को बुरा न लगे। अगर टीम हार रही है तो उसके कुछ कारण होंगे और आपको उन कारणों को इस तरह से बताने का कौशल होना चाहिए कि किसी को बुरा न लगे। यही कमेंट्री की कला है।’’

शिनोजादा और नियाजई के शतक, अफगानिस्तान ने बनाए चार विकेट पर 310 रन

फैसल शिनोजादा और उजेरुल्लाह नियाजई के शानदार शतकों की बदौलत अफगानिस्तान ने बुधवार को यहां अंडर-19 विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ चार विकेट पर 310 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।

शिनोजादा 93 गेंद में 110 रन बनाकर शीर्ष स्कोरर रहे जबकि नियाजई ने 86 गेंद में नाबाद 101 रन की पारी खेली। भारतीय गेंदबाज नियमित अंतराल पर विकेट झटकने में संघर्ष करते दिखे।

अफगानिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। उस्मान सादत और खालिद अहमदजई की सलामी जोड़ी ने अच्छी शुरुआत करते हुए 53 रन जोड़े। तेज गेंदबाज दीपेश देवेंद्रन ने 13वें ओवर में पहला विकेट लिया।

देवेंद्रन की लेंथ गेंद अहमदजई के बल्ले का अंदरूनी किनारा लेकर विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू के हाथों में चली गई। उन्होंने 39 गेंद में 31 रन बनाए।

इसके बाद शिनोजादा ने सादत के साथ दूसरे विकेट के लिए 64 रन जोड़े जिससे अफगानिस्तान बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा था।

हालांकि स्पिन-गेंदबाजी ऑलराउंडर कनिष्क चौहान ने 25वें ओवर की शुरुआत में भारत के लिए दूसरा विकेट लिया। उनकी गेंद पर सादत लांग-ऑफ पर कैच आउट हुए। सादत ने 70 गेंद खेलकर 39 रन बनाए।

टी20 वर्ल्ड कप से पहले इंग्लिश टीम में 'फ्लेक्सिबल' रोल, काफी खुश हैं सैम करन

इंग्लैंड के ऑलराउंडर सैम करन ने नेशनल टीम में अपने फ्लेक्सिबल रोल को लेकर सहजता दोहराई है। करन ने हाल ही में श्रीलंका के विरुद्ध व्हाइट बॉल सीरीज में गेंद के साथ बल्ले से भी शानदार प्रदर्शन किया।

सैम करन ने श्रीलंका के विरुद्ध 3 फरवरी को पल्लेकेले में खेले गए टी20 सीरीज के तीसरे मैच में 48 गेंदों में 58 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी के दम पर इंग्लैंड ने मुकाबला अपने नाम किया। इस मुकाबले में करन को 'प्लेयर ऑफ द मैच' चुना गया। टी20 सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने हैट्रिक भी अपने नाम की थी।

इस सीरीज के बाद करन ने टीम में अपनी जिम्मेदारियों के बदलते स्वरूप को स्वीकारते हुए एक निश्चित भूमिका न होने के बावजूद संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि गेंद के साथ मेरा रोल काफी फ्लेक्सिबल होने वाला है। मैं इससे काफी खुश हूं।"

25 वर्षीय खिलाड़ी ने इस बात पर जोर दिया है कि वह जिस भी क्षेत्र में मांग हो, खेल को प्रभावित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा, "बस उम्मीद है कि जब मैं अच्छी गेंदबाजी न करूं, तो अच्छी बल्लेबाजी कर सकूं और जब मैं अच्छी बल्लेबाजी न करूं, तो अच्छी गेंदबाजी कर सकूं। मुझे लगता है कि यही मेरा तर्क है।"

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