सरकार ने जनजातीय विकास पर दिया भरोसा, उपयोगिता प्रमाण मिलते ही लंबित किश्तें होंगी जारी
Tarunmitra February 05, 2026 06:42 AM

जयपुर। राज्य सरकार जनजातीय अंचलों के समग्र विकास को लेकर पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने बुधवार को विधानसभा में साफ किया कि जनजाति भागीदारी योजना के तहत किए गए कार्यों के उपयोगिता प्रमाण पत्र और पूर्णता प्रमाण पत्र मिलते ही लंबित किश्तों का भुगतान शीघ्र कर दिया जाएगा।

प्रश्नकाल के दौरान विधायक फूल सिंह मीणा के पूरक प्रश्नों का जवाब देते हुए मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 से 2025 के बीच उदयपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जनजाति भागीदारी योजनान्तर्गत कुल 30 विकास कार्य स्वीकृत किए गए। इनमें से 23 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि 3 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।

मंत्री खराड़ी ने सदन को बताया कि इन 30 कार्यों में से 10 कार्य वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में पूर्ण किए जा चुके हैं, जिनकी राशि भी हस्तांतरित की जा चुकी है।

उन्होंने कहा कि यदि कहीं हस्तांतरित राशि अप्राप्त रहने की शिकायत मिलती है, तो उसकी जांच कर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले विधायक के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि उदयपुर ग्रामीण क्षेत्र में जन सहभागिता के तहत 30/70 के अनुपात में 30 विकास कार्यों के लिए कुल 337.45 लाख रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी की गई है। इसका विस्तृत विवरण सदन के पटल पर रखा गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जनजाति भागीदारी योजना के अंतर्गत स्वीकृत राशि के विरुद्ध जनजाति हिस्से की 40 प्रतिशत राशि प्रथम किश्त के रूप में हस्तांतरित की जाती है। इसके बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र एवं कार्य पूर्णता प्रमाण मिलने पर शेष राशि जारी की जाती है।

उन्होंने अब तक पूर्ण हुए कार्यों के लिए किए गए भुगतानों का विस्तृत विवरण भी सदन की मेज़ पर रखा गया।

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