मुंबई, 5 फरवरी। क्या आपने कभी 'थ्री इडियट्स' में बोमन ईरानी द्वारा निभाए गए प्रोफेसर सहस्त्रबुद्धे का किरदार देखा है? इस किरदार में बोमन ईरानी दोनों हाथों से लिखने में माहिर थे, लेकिन असल जिंदगी में भी एक ऐसा व्यक्ति है जो इस कला में माहिर है और वह है बॉलीवुड अभिनेता अंगद बेदी।
अंगद बेदी एम्बिडेक्स्ट्रस हैं, जिसका मतलब है कि वे दोनों हाथों से काम कर सकते हैं। यह विशेषता उन्हें अन्य लोगों से अलग बनाती है, क्योंकि दुनिया की जनसंख्या में ऐसे लोग केवल एक प्रतिशत हैं।
अंगद का जन्म 6 फरवरी 1983 को दिल्ली में हुआ। वे पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान बिशन सिंह बेदी के बेटे हैं। बचपन से ही क्रिकेट का माहौल उनके चारों ओर था, और उन्होंने दिल्ली की अंडर-19 टीम में खेला। हालांकि, उनके पिता के नाम के कारण उन पर प्रदर्शन का दबाव था। समय के साथ, उन्होंने अभिनय की ओर रुख किया।
अंगद ने 2004 में 'काया तरण' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की, जो 1984 के दंगों पर आधारित थी। इसके बाद, उन्होंने टीवी शो में भी काम किया और 'कुक ना कहो', 'एक्स्ट्रा इनिंग्स टी20' जैसे कार्यक्रमों की मेज़बानी की।
2011 में 'फालतू' फिल्म से उन्होंने फिर से फिल्मों में कदम रखा। इसके बाद 'उंगली', 'डियर जिंदगी', और 'टाइगर जिंदा है' जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। 2016 में आई फिल्म 'पिंक' उनके करियर का महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई, जिसमें उनके नेगेटिव किरदार ने दर्शकों का ध्यान खींचा।
अंगद की एम्बिडेक्स्ट्रस क्षमता उनके अभिनय और खेल दोनों में सहायक रही है। यह उन्हें तेजी से सीखने में मदद करती है, चाहे वह एक्शन सीन हो या बॉडी लैंग्वेज। उन्होंने इस जैविक गुण को अपनी ताकत में बदल दिया है।
व्यक्तिगत जीवन में, अंगद ने 2018 में अभिनेत्री नेहा धूपिया से शादी की। उनके दो बच्चे हैं, एक बेटी और एक बेटा। अंगद हमेशा कहते हैं कि वे अपने संघर्षों को बेचारा साबित नहीं करना चाहते, बल्कि अपने काम के माध्यम से पहचाने जाना चाहते हैं।