मोरना चीनी मिल का आधुनिकीकरण, 262 करोड़ रुपये निवेश, गन्ना किसानों को फायदा
Indiatimes February 06, 2026 07:42 AM

उत्तर प्रदेश सरकार ने द गंगा सहकारी चीनी मिल, मोरना (मुजफ्फरनगर) के आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार के लिए 261.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस निर्णय का उद्देश्य मिल की पेराई क्षमता बढ़ाना, उत्पादन प्रक्रिया को आधुनिक बनाना और क्षेत्र के गन्ना किसानों के लिए आर्थिक लाभ सुनिश्चित करना है।

भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के राष्ट्रीय प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर इस स्वीकृति पर आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के पहले चरण में मिल की पेराई क्षमता 2500 टन प्रति दिन (TCD) से बढ़ाकर 3500 TCD की जाएगी और भविष्य में इसे 5000 TCD तक ले जाने की योजना है।

मलिक ने कहा कि यह निर्णय केवल मोरना क्षेत्र के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए लाभकारी होगा। पेराई क्षमता बढ़ने से गन्ना किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आधुनिक तकनीक और पर्यावरण अनुकूल प्रथाओं के समावेश से मिल की दक्षता और उत्पादन स्तर में सुधार होगा। इससे न केवल चीनी उद्योग की स्थायित्व बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय और आर्थिक सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से समयबद्ध गन्ना मूल्य भुगतान, ग्रामीण अधोसंरचना में सुधार और किसान कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के प्रयासों को भी मलिक ने सराहा। उन्होंने आशा जताई कि इस पहल के माध्यम से गन्ना क्षेत्र में निरंतर प्रगति देखने को मिलेगी और किसान समुदाय की जीवन-स्तर में सुधार होगा।

इस स्वीकृति के साथ ही द गंगा सहकारी चीनी मिल की उत्पादन प्रक्रिया में तेजी आएगी, स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गन्ना किसानों की आय में स्थिरता आएगी। विशेषज्ञों के अनुसार, यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चीनी उद्योग को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान कर सकती है।

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