सर्राफा बाजार में चांदी और सोने की कीमतों में भारी गिरावट
Gyanhigyan February 06, 2026 07:42 AM
चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट


शुक्रवार को सर्राफा बाजार में अचानक हलचल मच गई, जब चांदी की कीमतों में ₹20,000 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई। यह गिरावट रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के एक दिन बाद आई, जिससे मुनाफावसूली का दौर शुरू हुआ। वैश्विक संकेतों में कमजोरी के चलते न केवल चांदी, बल्कि सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट देखी गई। चांदी, जो गुरुवार को अपने उच्चतम स्तर पर थी, शुक्रवार को अचानक गिर गई।

एमसीएक्स पर मार्च डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 83,977 रुपये के करीब गिरकर 84,000 रुपये तक पहुंच गई, जो कि लगभग 21% की कमी दर्शाती है। इस दौरान, फरवरी डिलीवरी वाला सोना भी 15,246 रुपये यानी 9% गिरकर 1,54,157 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमत 20,000 रुपये (लगभग 5%) गिरकर 3,84,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी ने 19,500 रुपये की बढ़त के साथ 4,04,500 रुपये प्रति किलोग्राम का रिकॉर्ड बनाया था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी चांदी की स्थिति कमजोर रही। स्पॉट सिल्वर 12.09% गिरकर 101.47 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। इंट्रा-डे में यह 17.5% गिरकर 95.26 डॉलर प्रति औंस के निचले स्तर तक पहुंच गई।

सोने की कीमतों में भी गिरावट आई, जहां दिल्ली में 99.9% शुद्धता वाला सोना 14,000 रुपये (7.65%) गिरकर ₹1,69,000 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। गुरुवार को सोने ने ₹12,000 की बढ़त के साथ 1,83,000 रुपये प्रति 10 ग्राम का नया रिकॉर्ड बनाया था।

विश्लेषकों ने इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण बताए हैं:

1. मुनाफावसूली का दबाव: एचडीएफसी सिक्योरिटीज के कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी के अनुसार, कई सत्रों की तेजी के बाद बड़े निवेशकों ने अपनी लॉन्ग पोजीशन काटी, जिससे बिकवाली बढ़ी।

2. अमेरिकी शटडाउन का टलना: कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी कायनात चैनवाला ने बताया कि अमेरिका में राष्ट्रपति ट्रम्प और सीनेट डेमोक्रेट्स के बीच अस्थायी समझौते ने सुरक्षित निवेश के रूप में बुलियन की मांग को कमजोर किया।

3. फेड रिजर्व और डॉलर की स्थिति: इनक्रेड मनी के सीईओ विजय कप्पा का कहना है कि फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख के नामित होने से बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिससे निवेशकों में डर है कि ब्याज दरें बढ़ सकती हैं। इसके चलते डॉलर इंडेक्स और यूएस ट्रेजरी यील्ड में वृद्धि हुई है, जो धातुओं के लिए नकारात्मक संकेत है। तकनीकी रूप से भी बाजार ओवरबॉट जोन में था, जिससे मुनाफावसूली की आशंका बढ़ गई।


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