रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के लगातार दूसरे खिताब की कहानी सिर्फ स्मृति मंधाना की बल्लेबाजी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे नादिन डी क्लर्क की सधी हुई तेज गेंदबाजी और राधा यादव की जादुई स्पिन का बेजोड़ संगम है। दक्षिण अफ्रीकी ऑलराउंडर नादिन डी क्लर्क ने इस सीजन में आरसीबी के लिए 'संकटमोचक' की भूमिका निभाई। उन्होंने बीच के ओवरों में अपनी सटीक लाइन और लेंथ से विपक्षी बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया। फाइनल मैच में भी उन्होंने 2 महत्वपूर्ण विकेट लेकर दिल्ली कैपिटल्स के मध्यक्रम की कमर तोड़ दी। नादिन की गेंदें न केवल गति प्राप्त कर रही थीं, बल्कि वे पुरानी गेंद के साथ रिवर्स स्विंग कराने में भी सफल रहीं।
दूसरी ओर, भारतीय स्पिनर राधा यादव ने अपनी फिरकी से चिन्नास्वामी की पिच पर बल्लेबाजों को खूब नचाया। राधा इस सीजन में आरसीबी की सबसे सफल स्पिनरों में से एक रही हैं। उन्होंने न केवल रनों पर अंकुश लगाया, बल्कि बड़े विकेट चटकाकर कप्तान मंधाना का काम आसान कर दिया। राधा और नादिन के बीच का तालमेल मैदान पर साफ नजर आता है; जब नादिन एक छोर से दबाव बनाती हैं, तो राधा दूसरे छोर से विकेट झटकती हैं। इन दोनों खिलाड़ियों की फील्डिंग भी लाजवाब रही है, जिससे टीम ने कई अहम रन बचाए।
कोच ल्यूक विलियम्स ने इन दोनों की तारीफ करते हुए कहा, "नादिन और राधा हमारी टीम के दो ऐसे स्तंभ हैं जो बिना किसी शोर-शराबे के मैच का रुख बदल देते हैं।" 2026 के इस सीजन में इन दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया कि टी20 क्रिकेट में ऑलराउंडर्स की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। नादिन डी क्लर्क ने अपनी पावर-हिटिंग से निचले क्रम में कुछ उपयोगी पारियां भी खेलीं, जबकि राधा ने अपनी चतुराई से अनुभवी विदेशी बल्लेबाजों को भी छकाया। इस खिताबी जीत के बाद, आरसीबी के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर 'नादिन-राधा' की जोड़ी को टीम का 'साइलेंट हीरो' करार दिया है।