कहा जाता है कि किसी व्यक्ति का मूल स्वभाव उसके बचपन में ही निर्धारित हो जाता है। जैसे-जैसे व्यक्ति बड़ा होता है, उसके क्रोध, चंचलता, शरारत, बुद्धिमत्ता, ईमानदारी और अन्य गुणों का अंदाजा बचपन से ही लगाया जा सकता है। इसी तरह, पत्नियों की कुछ आदतें भी उनके बचपन से ही बन जाती हैं। इनमें से कई बुरी आदतें उनके स्वभाव का हिस्सा बन जाती हैं, जिन्हें बाद में माता-पिता या पति भी नहीं बदल सकते।
आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में कुछ ऐसी आदतों का उल्लेख किया है जो महिलाओं में हमेशा एक जैसी रहती हैं। ये आदतें जीवनभर नहीं बदलती हैं। आइए जानते हैं कि ये कौन सी बुरी आदतें हैं।
आचार्य चाणक्य के अनुसार, महिलाएं अक्सर झूठ बोलने में कुशल होती हैं। यह आदत उनके बचपन से ही होती है। वे अपनी आवश्यकताओं के अनुसार झूठ बोलती हैं, कभी खुद को बचाने के लिए और कभी अपने काम निकलवाने के लिए। हालांकि, ये झूठ कभी-कभी किसी के भले के लिए भी होते हैं।
चाणक्य के अनुसार, महिलाएं साहसी होती हैं, लेकिन कई बार उनकी यह बहादुरी उन्हें मुश्किल में डाल देती है। वे अपने साहस का प्रदर्शन करने से पहले परिणामों का आकलन नहीं करतीं, जिससे वे खुद को खतरे में डाल सकती हैं। इसलिए, बिना सोचे-समझे साहस दिखाने वाली महिलाओं से सावधान रहना चाहिए।
चाणक्य नीति के अनुसार, महिलाएं अपने स्वार्थ को प्राथमिकता देती हैं। वे दूसरों की अपेक्षाओं के अनुसार कम चलती हैं और अपने फायदे के लिए किसी का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। हालांकि, यह कहना गलत होगा कि सभी महिलाएं ऐसी होती हैं।
चाणक्य नीति के अनुसार, महिलाएं कभी-कभी ऐसे कार्य कर देती हैं जिनका कोई तर्क नहीं होता। इसके बाद वे पछताती हैं। ये महिलाएं दूसरों की बातों में आकर अपने निर्णय लेती हैं और खुद से सोचने में असमर्थ होती हैं।
आचार्य चाणक्य के अनुसार, हर महिला धन की लालच रखती है। उन्हें अधिक से अधिक पैसा चाहिए होता है, और कभी-कभी इस लालच में वे गलत रास्ते पर भी चल पड़ती हैं। उन्हें सही और गलत का भेद नहीं समझ आता।