नई दिल्ली। मुजफ्फरनगर से बीजेपी सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने हाल ही में एक साक्षात्कार में उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन की खामियों और कथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया। उन्होंने इस योजना की प्रगति पर गंभीर सवाल उठाए।
डॉ. बालियान ने कहा कि जल जीवन मिशन में भ्रष्टाचार, अधूरे कार्य, पाइपलाइन में लीकेज, सड़कों का टूटना और कागजों पर 100 प्रतिशत प्रगति दिखाने के बावजूद वास्तविकता कुछ और है। उन्होंने चरखारी विधानसभा क्षेत्र में बीजेपी नेता ब्रजभूषण शरण राजपूत और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बीच हालिया विवाद का भी उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में जनता ने उन्हें कई बार काम के लिए रोका है, और यह कोई गलत बात नहीं है। जब सड़कें खराब होती हैं, तो लोग पीडब्ल्यूडी मंत्री को नहीं घेरते, बल्कि अपने विधायक से शिकायत करते हैं। यदि कोई अच्छा कार्य नहीं करेगा, तो लोग विधायक पर ही दबाव डालते हैं।
जब उनसे पूछा गया कि यदि उनके गांव की ऐसी स्थिति होती तो वे क्या करते, तो डॉ. बालियान ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अधिकांश गांवों में पाइपलाइन डालने के बाद सड़कें और गलियां टूटी पड़ी हैं, पानी की आपूर्ति अनियमित है, और धन का दुरुपयोग हो रहा है। जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की योजना है, जिसका उद्देश्य 2024 तक हर घर में नल से जल पहुंचाना है।
यूपी में जल जीवन मिशन पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं, और विपक्षी नेता इसे 'भ्रष्टाचार जीवन मिशन' के रूप में संदर्भित करते हैं। डॉ. बालियान ने अपनी ही सरकार की योजना पर सवाल उठाकर राजनीतिक चर्चा को जन्म दिया है। जल जीवन मिशन पर शिकायतें आम हैं, और इसके पोर्टल पर लीकेज, अधूरे कार्य, और सड़क कटिंग की हजारों शिकायतें लंबित हैं।