'प्यार की बजाय जुनून दिखाते हैं', जीनत अमान ने बॉलीवुड के रोमांस पर उठाए सवाल
एबीपी एंटरटेनमेंट डेस्क February 07, 2026 06:12 PM

बॉलीवुड की वेटरन एक्ट्रेस जीनत अमान किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. जीनत ने बॉलीवुड को 60- 70-80 के दशक में बेहतरीन फिल्में और गाने दिए हैं. जिनकी बदौलत वो आज भी हिंदी सिनेमा का जाना माना नाम हैं. इन दिनों जीनत सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं. ऐसे में वो बॉलीवुड से जुड़े अपने एक्सपीरियंस शेयर करती रहती हैं. अब हाल ही में उन्होंने बॉलीवुड के रोमांस और प्यार दिखाने के तरीके पर आपत्ति जताई है.

जीनत अमान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर फिल्म 'तीसरी आंख' का वीडियो क्लिप शेयर किया है. जिसमें वो धर्मेंद्र के साथ मस्ती और छेड़छाड़ करती नजर आ रही हैं. ये फिल्म का ही सीन है, इस सीन क शेयर करते हुए उन्होंने कैप्शन में लिखा, 'पुरानी फिल्मों में सीन दोबारा देखना हमेशा एक अनोखा और मजेदार अनुभव होता है. कभी पता नहीं चलता है कि कौन सा सीन दिल को छू लेगा या फिर सोचने पर मजबूर कर देगा.'

 
 
 
 
 
View this post on Instagram
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

A post shared by Zeenat Aman (@thezeenataman)

हीरोइनों की भूमिका में बदलाव
जीनत ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, 'कुछ हफ्ते पहले आपने फिल्म दोस्ताना के एक क्लिप में अमिताभ बच्चन का किरदार इंस्पेक्टर विजय को मुझे छेड़ते देखा. अब इस हफ्ते 'तीसरी आंख' के सीन में आप देखेंगे कि धरम जी को मैं छेड़ रही हूं. क्या सिर्फ दो सालों में हिंदी सिनेमा में हीरोइनों की भूमिका इतनी बदल गई? यहां धरमजी का 'अशोक' भोला-भाला और दबाव में रहने वाला है, जबकि मेरा किरदार 'बरखा' चंचल और एकदम बेबाक है. वो उसका पीछा करती है, जबकि एक्टर का किरदार को वो पसंद नहीं और चिड़चिड़ा दिखता है.'

'मैं बरखा को भी सपोर्ट नहीं करती'
इस पोस्ट में उन्होंने अपने किरदार को सपोर्ट ना करते हुए लिखा, 'मुझे लगता है कि ये सीन मजेदार होने और किसी को गुस्सा दिलाने की वजह से ट्रेडिशनल रोल से उलट है. सच तो ये है कि मैं बरखा के अप्रोच को सपोर्ट नहीं कर सकती, ठीक वैसे ही जैसे मैं इंस्पेक्टर विजय के नजरिए का सपोर्ट नहीं कर सकती थी. हंसी-मजाक और शरारत प्यार के बेहतरीन तरीके हैं लेकिन मुझे लगता है कि हमारी फिल्म इंडस्ट्री ने कभी-कभी इन्हें हद से ज्यादा बढ़ा दिया. हमारी कई फिल्में सच्चे और रियल लव को पेश करने की बजाय जुनून और दीवानगी को दिखाती है.

रोमांस की बेतुकी धारणा
आगे उन्होंने लिखा, 'मैं ये भी मानती हूं कि मैंने भी बॉलीवुड के जरिए भारतीयों में फैलाई गई रोमांस की इस बेतुकी धारणा को बढ़ावा देने में भूमिका निभाई है. इसलिए ये मेरी एक छोटी सी कोशिश है. मैं क्लियर कर देना चाहती हूं कि रिश्तों में सहमति जरूरी है और सम्मान दोनों तरफ से होना चाहिए. यकीन मानिए, मैंने ये बात बहुत मुश्किल से सीखी है.' आगे जीनत ने अपने फैंस से भी कहा कि उन्हें इस पोस्ट पर उनके रिएक्शन का भी बेसब्री से इंतजार है.

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.