SBI के Q3FY26 नतीजे: मुनाफे में 24.5% की छलांग, क्रेडिट ग्रोथ मजबूत
TV9 Bharatvarsh February 08, 2026 01:43 AM

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (Q3FY26) में शानदार प्रदर्शन किया है. बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 24.5% बढ़कर ₹21,028 करोड़ पहुंच गया। इस बढ़त के पीछे मजबूत नेट इंटरेस्ट इनकम (NII), गैर-ब्याज आय में तेज उछाल, लिखे गए कर्जों से रिकवरी और SBI म्यूचुअल फंड से मिला बड़ा डिविडेंड अहम वजह रहे.

NII और गैर-ब्याज आय में तेजी

दिसंबर तिमाही में SBI की नेट इंटरेस्ट इनकम 9% बढ़कर ₹45,190 करोड़ हो गई. बैंक का कुल कर्ज (एडवांस) 15% से ज्यादा बढ़कर ₹46.83 लाख करोड़ तक पहुंच गया. वहीं, फीस और अन्य स्रोतों से होने वाली गैर-ब्याज आय 66% बढ़कर ₹18,359 करोड़ रही, जिसने कुल मुनाफे को मजबूत सहारा दिया.

NIM और एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक का घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) 3.12% पर पहुंच गया, जो पिछली तिमाही से बेहतर है. एसेट क्वालिटी में भी साफ सुधार दिखा. ग्रॉस एनपीए घटकर 1.57% और नेट एनपीए 0.39% पर आ गया, जिससे बैंक की बैलेंस शीट और मजबूत हुई.

हर सेगमेंट में क्रेडिट की मांग

SBI चेयरमैन सी. एस. सेट्टी के मुताबिक रिटेल, एग्रीकल्चर, MSME और कॉरपोरेट सभी सेगमेंट में क्रेडिट की मांग मजबूत बनी हुई है. रिटेल लोन 15%, कृषि 16.5%, SME 21% और होलसेल लोन 13% से ज्यादा बढ़ा. इसी भरोसे के चलते बैंक ने FY26 के लिए क्रेडिट ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 1315% कर दिया है.

डिपॉजिट ग्रोथ बनी चुनौती

जहां क्रेडिट ग्रोथ मजबूत रही, वहीं डिपॉजिट ग्रोथ 9% पर सीमित रही. CASA डिपॉजिट करीब 8.9% बढ़े. बैंक का कहना है कि लोग अब बाजार से जुड़े निवेश विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिससे डिपॉजिट जुटाने में दबाव आ रहा है.

आगे की रणनीति और भरोसा

SBI का फोकस रिटेल टर्म डिपॉजिट बढ़ाने, डिजिटल प्लेटफॉर्म मजबूत करने और RAM (रिटेल-एग्री-MSME) सेगमेंट पर रहेगा. साथ ही, हालिया अंतरराष्ट्रीय ट्रेड डील्स से अर्थव्यवस्था को मिलने वाले फायदों का लाभ उठाने के लिए बैंक खुद को अच्छी तरह तैयार बता रहा है.

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