मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज शहडोल जिले के धनपुरी में आयोजित कार्यक्रम में नवनिर्मित वाटर पार्क का उद्घाटन किया और क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने एसईसीएल के विस्थापितों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य क्षेत्रीय विकास और लोगों की भलाई सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समुदायों के राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मुख्यमंत्री ने माता शबरी जयंती पर शुभकामनाएँ दी और कहा कि शबरी मैया का जीवन समर्पण और निष्कपट भक्ति का प्रतीक है।
कृषि क्षेत्र को लाभप्रद बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 30 लाख सोलर पम्प उपलब्ध कराए जाएंगे। दुग्ध उत्पादन और दलहन उत्पादन के लिए भी विशेष व्यवस्था की जाएगी। प्रदेश में सिंचाई का रकबा अब 44 लाख हेक्टेयर तक पहुँच गया है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गीता भवन निर्माण की घोषणा की, जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाइब्रेरी और कोचिंग जैसी सुविधाएँ मिलेंगी। शहडोल सिंचाई काम्पलेक्स के निर्माण की भी घोषणा की गई है, जिसमें सोन नदी पर चार माइक्रो सिंचाई परियोजनाओं का प्रस्ताव है। लगभग 2300 करोड़ रुपए की इस योजना से 50 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र बढ़ेगा और 122 गांव लाभान्वित होंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने जैतपुर को नगर पंचायत बनाने, शहडोल मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि, 160 करोड़ रुपये लागत से 45 किलोमीटर सड़क निर्माण, जैतपुर महाविद्यालय में कला और विज्ञान संकाय के भवन निर्माण और नया महाविद्यालय आरंभ करने की घोषणा की। उन्होंने 3 किलोमीटर लंबे मॉडल रोड निर्माण के लिए भी सहमति प्रदान की।
कार्यक्रम में क्षेत्र के लोगों ने विभिन्न घोषणाओं का स्वागत किया। ये पहलें मुख्य रूप से शिक्षा, कृषि, सिंचाई और सड़क निर्माण के माध्यम से स्थानीय विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए की जा रही हैं।