राजधानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों में शामिल जी.बी. पंत अस्पताल में चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के तहत सीटी स्कैन मशीन, नई कैथ लैब और न्यूरो आईसीयू का उद्घाटन किया गया। इन इकाइयों को अब मरीजों की सेवा के लिए शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर साझा जानकारी में बताया कि अस्पतालों को आधुनिक उपकरणों और बेहतर ढांचे से सुसज्जित करने की दिशा में यह कदम उठाया गया है, ताकि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को समय पर और उन्नत उपचार मिल सके।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कैथ लैब हृदय संबंधी रोगों के निदान और उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, जबकि न्यूरो आईसीयू मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी गंभीर स्थितियों के मरीजों की निगरानी और देखभाल के लिए आवश्यक है। वहीं सीटी स्कैन सुविधा से जांच प्रक्रिया तेज और सटीक होने की उम्मीद है, जिससे मरीजों को अन्य संस्थानों में रेफर करने की जरूरत कम होगी।
जी.बी. पंत अस्पताल में सीटी स्कैन, नई कैथ लैब और न्यूरो आई.सी.यू. का उद्घाटन कर इन्हें जनता की सेवा में समर्पित किया।
— Rekha Gupta (@gupta_rekha) February 9, 2026
हमारा लक्ष्य है कि विश्वस्तरीय, सुलभ और भरोसेमंद स्वास्थ्य सेवाएं हर जरूरतमंद तक पहुंचें। इसी संकल्प के साथ सरकार दिल्ली के अस्पतालों को लगातार आधुनिक बना रही… pic.twitter.com/ZnlKvPI06u
सरकारी अस्पतालों में आधुनिक मशीनों की उपलब्धता से इलाज की लागत भी कम हो सकती है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राहतकारी मानी जा रही है। इसके साथ ही आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित सीमा तक मुफ्त इलाज की सुविधा उपलब्ध है। स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ कराने के लिए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ जैसे केंद्रों का भी विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बढ़ती आबादी और रोगों की जटिलता को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में बुनियादी ढांचे का सुदृढ़ होना जरूरी है। नई सुविधाओं से मरीजों के इलाज की क्षमता बढ़ने और प्रतीक्षा समय कम होने की संभावना है।
अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, नई इकाइयों के शुरू होने से विशेष रूप से हृदय और न्यूरो से जुड़ी आपात स्थितियों में मरीजों को तत्काल उपचार मिल सकेगा। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और अन्य गणमान्यजन भी मौजूद रहे।