मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हर भारतीय का दायित्व सकारात्मक सोच के साथ भारत का विकास होना चाहिए। सभी भारतीय मिलकर ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ के लिए कार्य करें। जीवन का संकल्प होना चाहिए कि हमारा देश वैभवशाली व विकसित हो। हर संत की साधना देश, धर्म के लिए होती है और धर्म भी देश के लिए समर्पित होता है। एक शरीर है तो दूसरा उसकी आत्मा। भारत और सनातन एक-दूसरे के पूरक हैं, इसे अलग करके नहीं रखा जा सकता।
हिंद केसरी ब्रह्मलीन महंत बाबा हरिशंकर दास जी महाराज की पुण्य स्मृति आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्तमान में दुनिया भर से सनातन, भारत-भारतीयता पर प्रहार हो रहे हैं। अंदर-बाहर से होने वाले इन प्रहारों से सचेत रहना होगा। जिन्हें भारत की प्रगति अच्छी नहीं लग रही है, विकसित भारत की संकल्पना पचती नहीं है, वे लोग साजिश में लगे हैं। कुछ लोग साजिश कर रहे हैं, कुछ लोग साजिश का शिकार हो रहे हैं और कुछ लोग साजिश के लिए बिक कर कार्य कर रहे हैं। हमें यह दुष्प्रवृत्ति रोकनी होगी।
यूपी अब ‘बीमारू’ नहींसीएम योगी ने कहा कि यूपी देश की तीन बड़ी अर्थव्यवस्था में शामिल है। यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था का मजबूत राज्य बनकर उभरा है। गांव की बेटी, सबकी बेटी मानते हुए सरकार बेटी के जन्म लेने से लेकर स्नातक की पढ़ाई, शादी आदि की जिम्मेदारी उठा रही है। दिव्यांगजन, वृद्धजन व निराश्रित महिलाओं के रूप में 1.6 करोड़ परिवारों को सरकार 12 हजार रुपये सालाना की पेंशन दे रही है। यूपी में 15-16 करोड़ लोग राशन की सुविधा पा रहे हैं। आयुष्मान भारत के अंतर्गत अब तक 5.46 करोड़ से अधिक गरीबों के लिए पांच लाख रुपये निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा वाले गोल्डन कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। सरकार बिना भेदभाव सबके विकास के लिए कार्य कर रही है।
एससीआर में आएगा बाराबंकी जनपदसीएम योगी ने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा का भाग यह जनपद भी बन रहा है। परिक्रमा मार्ग बनेगा तो यहां का विकास कई गुना बढ़ेगा। रोजगार की नई संभावनाएं विकसित होगी। स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के अंतर्गत बाराबंकी जनपद भी है। यहां विकास के बड़े कार्यक्रम बढ़ रहे हैं। रामसनेही घाट के पास बहुत बड़ा औद्योगिक क्षेत्र खड़ा होने जा रहा है, बाराबंकी के नौजवान को यहीं रोजगार मिलेगा। पौराणिक काल से इसका गौरवशाली अतीत रहा है। जब अतीत गौरवशाली है तो वर्तमान भी गौरवशाली होगा और डबल इंजन सरकार भविष्य को और भी गौरवान्वित क्षण के रूप में बदलने का कार्य करने जा रही है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala