सीबीएसई का फैसला : 2026 से 12वीं की कॉपियों का होगा डिजिटल मूल्यांकन, OSM सिस्टम होगा लागू
TV9 Bharatvarsh February 11, 2026 10:42 AM

अगर आप 2026 में सीबीएसई (CBSE) की 12वीं की परीक्षा देने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा प्रणाली में एक अहम बदलाव की घोषणा की है. CBSE ने बोर्ड परीक्षा व्यवस्था में अहम सुधार करते हुए वर्ष 2026 से कक्षा 12वीं की उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के पूरी तरह से डिजिटल तरीके से करने का फैसला किया है. इसके लिए बोर्ड ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली को लागू करेगा.

CBSE के अनुसार, इस नई व्यवस्था का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित बनाना है. डिजिटल मूल्यांकन के जरिए अंकों की गणना में होने वाली मानवीय गलतियों पर लगाम लगेगी और परीक्षा परिणाम तैयार करने में लगने वाला समय भी कम होगा. अब 12वीं क्लास की कॉपियां पेन-पेंसिल से नहीं, बल्कि कंप्यूटर स्क्रीन पर चेक की जाएंगी.

सॉफ्टवेयर करेगा सब कुछ मैनेज

दरअसल कई बार हम देखते थे कि मैन्युअल चेकिंग में कभी-कभी नंबर छूट जाते थे या टोटल करने में गलती हो जाती थी, लेकिन अब सॉफ्टवेयर खुद ही सब कुछ मैनेज करेगा. इससे रिजल्ट भी जल्दी आएगा और प्रोसेस में पूरी ट्रांसपेरेंसी रहेगी और गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहेगा.

10वीं के छात्रों के लिए पुराना सिस्टम

हालांकि, कक्षा 10वीं की उत्तर-पुस्तिकाओं का मूल्यांकन वर्ष 2026 में पहले की तरह भौतिक रूप से ही किया जाएगा. बोर्ड ने फिलहाल 10वीं के छात्रों के लिए पुराना सिस्टम ही रखा है. यानी 2026 में 10वीं की कॉपियां पहले की तरह मैनुयली ही चेक की जाएंगी. डिजिटल मूल्यांकन की शुरुआत फिलहाल केवल 12वीं कक्षा से की जा रही है.

छात्रों को मिलेंगे विश्वसनीय परिणाम

CBSE ने देश और विदेश में स्थित सभी संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों को इस बदलाव की जानकारी देते हुए कहा है कि नई प्रणाली के तहत मूल्यांकन से जुड़ी पूरी समन्वय प्रक्रिया ऑटोमेटेड होगी. इससे मैन्युअल हस्तक्षेप न्यूनतम रहेगा और परिणाम प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी. बोर्ड का मानना है कि यह कदम परीक्षा सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे छात्रों को समय पर और अधिक विश्वसनीय परिणाम मिल सकेंगे.

स्कूलों को जरूरी व्यवस्थाएं करने का निर्देश

CBSE ने OSM के लिए स्कूलों को जरूरी व्यवस्थाएं करने का निर्देश दिया है. इनमें पब्लिक स्टैटिक IP वाली कंप्यूटर लैब, Windows 8 या उससे ऊपर के वर्जन वाले कंप्यूटर या लैपटॉप जिनमें कम से कम 4 GB RAM हो, अपडेटेड इंटरनेट ब्राउजर, Adobe Reader, कम से कम 2 Mbps की भरोसेमंद इंटरनेट कनेक्टिविटी और बिना रुकावट बिजली सप्लाई शामिल है.

बोर्ड ने कहा है कि वह बदलाव के दौरान स्कूलों और टीचरों के लिए ड्राई रन भी करेगा, ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित करेगा, इंस्ट्रक्शनल वीडियो जारी करेगा और टेक्निकल दिक्कतों को दूर करने के लिए एक कॉल सेंटर बनाएगा. वह OASIS ID वाले सभी टीचरों को लॉग इन करने और सिस्टम से परिचित होने की इजाजत देकर सपोर्ट करेगा.

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