Valentines Day 2026 Kab Hai: वैलेंटाइन डे क्यों मनाया जाता है? जान लें इससे जुड़ी दिलचस्प वजह
TV9 Bharatvarsh February 12, 2026 11:43 AM

Valentines Day 2026 Kab Hai: वैलेंटाइन डे को ग्लोबली सेलिब्रेट किया जाता है. खासतौर पर यंगस्टर्स में इस दिन को लेकर गजब की एक्साइटमेंट देखने को मिलती है. 7 फरवरी से लेकर 14 फरवरी तक हर दिन को त्योहार की तरह मनाते हैं, लेकिन वैलेंटाइन सेलिब्रेशन को लेकर सबसे ज्यादा तैयारियां की जाती है. इस दिन कपल्स साथ में डेट प्लान करते हैं. कोई अपने दिल की बात कहता है तो वहीं बड़े रेसंत्रा में लव थीम की कई पार्टी भी ऑर्गेनाइज की जाती हैं. सवाल उठता है कि वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट करने वालों में से कितने लोगों को इस दिन से जुड़ा इतिहास पता होता है. तो चलिए जान लेते हैं.

कहते हैं न कि प्यार की राह इतनी आसान नहीं होती है. इसी वजह से न जानें कितने प्रेमियों की कहानी मुकम्मल होने से पहले ही खत्म हो जाती है, लेकिन कई बार इस कहानी में किसी ऐसे को भी कुर्बानी देनी पड़ती है जो सिर्फ उनका शुभचिंतक हो. ऐसी ही कहानी है वैलेंटाइन डे की शुरुआत होने की, जब किसी को सिर्फ इस बात की सजा मिली कि उन्होंने प्यार करने वालों को मिलवाया था. इस आर्टिकल में जानेंगे कैसे शुरु हुआ वैलेंटाइन डे.

पुराना है इसका इतिहास?

वैलेंटाइन डे की शुरुआत 496 ईस्वी में मानी जाती है. ये 5वीं सदी थी जब पोप गेलैसियस प्रथम के द्वारा इसे शुरू किया गया था. इस दिन का संबंध रोमन फेस्टिवल से भी माना जाता है. रोम की पुरानी परंपरा ‘लूपरकोरिया’ की जगह इस फेस्टिवल को सेलिब्रेट करना शुरू किया गया था. हालांकि ‘लूपरकोरिया’ फेस्टिवल 15 फरवरी को सेलिब्रेट किया जाता था. इसका मुख्य उद्देश्य प्रजनन क्षमता, शुद्धिकरण और स्वास्थ्य को बढ़ावा देना था. कहा जाता है कि इसे पैलेंटाइन हिल पर स्थित ‘लूपरकल गुफा’ में आयोजित करते थे. अब जान लेते हैं वैलेंटाइन की सबसे प्रचलित कहानी के बारे में.

image:getty

वैलेंटाइन की कहानी

प्यार के फेस्टिवल वैलेंटाइन डे कि शुरुआत की सबसे प्रचलित कहानी है संत वैलेंटाइन की, जिन्होंने प्यार करने वाले लोगों को मिलवाने की सजा भुगती थी. ये कहानी तीसरी सदी की है जब संत वैलेंटाइन एक पादरी थे. इस दौरान रोम में सम्राट क्लॉडियस द्वितीय का शासन चलता था. सम्राट का मानना था कि शादी करने से पुरुषों की योद्धा बनने की ताकत पर असर पड़ता है, क्योंकि वह परिवार की जिम्मेदारियों और प्रेम से बंधे होते हैं. यही वजह थी कि क्लॉडियस द्वितीय ने शादियों पर रोक लगा दी थी. दूसरी तरफ संत वैलेंटाइन प्रेम को ईश्वर का वरदान मानते थे. इस वजह से वह प्यार करने वालों की शादी करवाते थे.

ये भी पढ़ें: फोटो वाले मग से चॉकलेट बॉक्स तक वैलेंटाइन डे के लिए 500 से 700 रुपये वाले ये गिफ्ट्स हैं बेस्ट

संत वैलेंटाइन और जूलिया

इस बात के बारे में जब सम्राट को पता चला तो उन्होंने इसे अपने आदेश की अवहेलना माना और उन्हें जेल में डाल दिया गया. कहा जाता है कि जेलर की बेटी का नाम जूलिया था जो देख नहीं सकती थी.जेलर ने संत वैलेंटाइन के पास अपनी बेटी को शिक्षा लेने के लिए भेजा. उन्होंने उसे शिक्षा दी और जूलिया की आंखों की रोशनी भी वापस आ गई थी. सम्राट ने संत वैलेंटाइन को मृत्युदंड की सजा दी थी. कहानी कहती है कि 270 ईस्वी में 14 फरवरी को संत वैलेंटाइन को फांसी दी गई थी और इससे पहले उन्होंने जूलिया को एक खत लिखा था. जिसमें लिखा “फ्रॉम योर वैलेंटाइन”. इसी बलिदान की याद में पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी के दिन को आधिकारिक रूप से वैलेंटाइन डे घोषित किया.

ये भी पढ़ें:क्या होता है Galentines Day ? इन 5 तरीकों से करें सेलिब्रेट

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.