कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेता बीडी भूकांत की चांदी हो गई. उन्हें राज्य की कांग्रेस सरकार में चार दिन के लिए कैबिनेट स्टेटस मिला. 7 फरवरी को उनकी नियुक्ति से जुड़ा आदेश जारी हुआ था. पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध किया, जिसके बाद सरकार की नींद खुली. नियुक्ति को रद्द करना पड़ा और ऑर्डर में बदलाव की कॉपी जारी हुई.
शिवमोगा जिले के बीडी भूकांत उन 54 लोगों में शामिल थे, जिन्हें 7 फरवरी को एक सरकारी आदेश के जरिए अलग-अलग बोर्ड और कॉर्पोरेशन में कैबिनेट का दर्जा दिया गया. ये नियुक्तियां राज्य के अलग-अलग हिस्सों के कांग्रेस नेताओं की उम्मीदों को पूरा करने के लिए की गई थीं. हालांकि, बीडी भूकांत के नाम का विरोध हुआ, खासकर शिवमोगा जिले में.
कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व को बतायाबताया जा रहा है कि जिले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूकांत की नियुक्ति में हुई गलती के बारे में राज्य कांग्रेस नेतृत्व को बताया. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी BJP से शिवमोगा जिला पंचायत की नेता हैं और उन्होंने राज्य कांग्रेस नेतृत्व से इस फैसले पर फिर से विचार करने का आग्रह किया.
इस मामले के बाद मुख्यमंत्री ऑफिस ने बुधवार को 7 फरवरी के ऑर्डर में बदलाव की कॉपी जारी की, जिसमें साफ किया गया कि भूकांत को दिया गया कैबिनेट रैंक वापस ले लिया गया है. विरोधी पार्टी BJP ने इस फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि कैबिनेट का दर्जा उन कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी दिया गया जो पब्लिक ऑफिस के लिए चुने नहीं गए थे. कांग्रेस ने इस फैसले का बचाव किया था. डिप्टी CM डीके शिवकुमार ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं की वजह से पार्टी सत्ता में आई.
कौन हैं भूकांत?बीडी भूकांत कर्नाटक के शिवमोगा जिले के प्रमुख नेता है. वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से जुड़े हैं. वह कर्नाटक स्टेट को-ऑपरेटिव हॉर्टिकल्चर मार्केटिंग फेडरेशन (KHF) के प्रेसिडेंट हैं. इसके अलावा, वह नेशनल एग्रीकल्चर एंड फ़ूड फ़ेडरल को-ऑपरेटिव ऑफ़ इंडिया (NAFFAC) में डायरेक्टर के पद पर भी हैं. उन्हें पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और उनके बेटे बी वाई विजयेंद्र का करीबी माना जाता है.