क्या आप रोज पैकेट वाला दूध बिना सोचे-समझे उबालते हैं या सीधे पी लेते हैं? क्या इससे आपकी सेहत पर असर पड़ सकता है या आप महत्वपूर्ण पोषक तत्व खो रहे हैं? विशेषज्ञों ने इस विषय पर कुछ महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है, जिसे हर दूध प्रेमी को जानना चाहिए।
पैकेट वाला दूध आमतौर पर प्रोसेस्ड होता है, जिसे पाश्चराइजेशन की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। इस प्रक्रिया में दूध को उच्च तापमान पर गर्म किया जाता है, जिससे हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं, जबकि पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं।
पैकेट दूध के मुख्य प्रकार हैं:
कुछ कंपनियां UHT दूध भी बेचती हैं, जो लंबे समय तक खराब नहीं होता।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दूध पहले से पाश्चराइज्ड है, तो उसे दोबारा उबालने की आवश्यकता नहीं है। पाश्चराइजेशन के दौरान दूध को 72°C तक गर्म किया जाता है, जिससे हानिकारक जीवाणु समाप्त हो जाते हैं।
हालांकि, कुछ लोग एहतियात के तौर पर दूध को उबालना पसंद करते हैं, लेकिन इससे पोषक तत्वों की हानि हो सकती है। विशेष रूप से, यदि दूध को अधिक समय तक उबाला जाए, तो प्रोटीन और विटामिन बी12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो सकते हैं।
डायटीशियन और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि बाजार में उपलब्ध पाश्चराइज्ड पैकेट दूध सुरक्षित होता है और इसे सीधे पिया जा सकता है। दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल की वरिष्ठ न्यूट्रिशनिस्ट डॉ. शिल्पा सिंह के अनुसार, "यदि पैकेट पर पाश्चराइज्ड लिखा है और पैकेजिंग सील्ड है, तो दूध को उबालने की आवश्यकता नहीं है।"
हालांकि, यदि दूध का पैकेट लंबे समय तक बाहर रहा हो या तापमान अधिक हो, तो इसे हल्का गर्म करना बेहतर हो सकता है।
पैकेट दूध को उबालना सुरक्षा के दृष्टिकोण से सही लग सकता है, लेकिन इससे कुछ पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। बार-बार उबालने से दूध का स्वाद भी बदल सकता है और जलने की गंध आ सकती है।
इन स्थितियों में दूध को एक बार उबालना उचित होता है ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
UHT दूध को 135°C तक गर्म किया जाता है, जिससे यह बिना फ्रिज के भी कई महीनों तक सुरक्षित रहता है। ऐसे दूध को उबालने की आवश्यकता नहीं होती और इसे सीधे पैकेट खोलकर इस्तेमाल किया जा सकता है।