उदयपुर में प्रेम विवाह करने वाली एक लड़की के खिलाफ उसके पिता द्वारा बेहद विवादित और चौंकाने वाला कदम उठाया गया। लड़की से पिता ने नाता तोड़ने के साथ ही उसे मृत मानते हुए शोक पत्रिका छपवाने और नवमी की धूप देने जैसी असामान्य कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, लड़की ने अपने प्रेमी के साथ विवाह कर लिया, जिसे परिवार ने स्वीकार नहीं किया। इसके विरोध में पिता ने समाज के लोगों को बुलाने के लिए शोक पत्रिका छपवाने का निर्णय लिया और उसमें अपनी बेटी को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिवार ने नवमी की धूप भी करवाई।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। पिता और पूरे परिवार ने समाज के सामने स्पष्ट किया कि अब उनका अपनी बेटी से कोई संबंध नहीं है। यह कदम न केवल परिवार में बल्कि समाज में भी विवाद और असहमति पैदा कर रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पारंपरिक सोच और कड़ाई के कारण होती हैं, लेकिन कानूनी और सामाजिक दृष्टि से यह अत्यंत गंभीर मामला है। महिला अधिकार संगठनों ने भी इस घटना की निंदा की है और कहा है कि किसी व्यक्ति को उसके वैवाहिक फैसले के कारण बहिष्कृत करना और उसे मृत घोषित करना अनुचित और अवैध है।
उदयपुर प्रशासन ने मामले की जानकारी ली है और इस प्रकार के सामाजिक बहिष्कार और मानसिक उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। यह घटना परिवार और समाज में प्रेम विवाह को लेकर बने पुराने दृष्टिकोण पर भी सवाल खड़ा करती है। यह मामला पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया है और इसे महिला अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संदर्भ में गंभीर चिंता का संकेत माना जा रहा है।