मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक अंतरधार्मिक विवाह को लेकर जबरदस्त हंगामा खड़ा हो गया है। मामला एक हिंदू लड़की और मुस्लिम लड़के की शादी का है, जिस पर हिंदूवादी संगठनों ने ‘लव जिहाद’ और ‘धर्मांतरण’ का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को कई हिंदूवादी नेताओं को उनके घरों में ही नजरबंद (हाउस अरेस्ट) करना पड़ा है। भारी विरोध के बीच फिलहाल शादी को कैंसिल कर दिया गया है।
सोशल मीडिया पर शुरू हुई थी लव स्टोरीजानकारी के मुताबिक, यह पूरा मामला एक बैंक मैनेजर आकांक्षा और अस्पताल मैनेजर शाहवेज राना की शादी से जुड़ा है। दोनों की शादी 13 फरवरी को होनी तय हुई थी। बताया जा रहा है कि दोनों लंबे समय से एक-दूसरे को जानते थे और आपसी सहमति से शादी के बंधन में बंधना चाहते थे। लेकिन जैसे ही इस शादी की खबर सार्वजनिक हुई, हिंदूवादी संगठनों ने इसे धर्म परिवर्तन का मामला बताते हुए विरोध शुरू कर दिया।
महापंचायत का ऐलान और पुलिस की सख्तीशादी के विरोध में हिंदूवादी संगठनों ने मेरठ में एक बड़ी महापंचायत बुलाने का ऐलान कर दिया। प्रशासन को अंदेशा था कि इस महापंचायत से शहर का माहौल बिगड़ सकता है और सांप्रदायिक तनाव पैदा हो सकता है। इसी के मद्देनजर पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए प्रमुख हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया और आयोजन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
युवती की दो टूक- ‘अपनी मर्जी से कर रही हूं शादी’इस पूरे विवाद के बीच दुल्हन आकांक्षा ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा है। युवती ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह बालिग है और अपनी मर्जी से शाहवेज के साथ जीवन बिताना चाहती है। उसने किसी भी प्रकार के दबाव या जबरन धर्मांतरण की बात से साफ इनकार किया है। युवती का कहना है कि यह उसका निजी फैसला है, लेकिन संगठनों के बढ़ते दबाव और हंगामे को देखते हुए फिलहाल शादी के कार्यक्रम को रोक दिया गया है।