अगरतला, 14 फरवरी (आईएएनएस)। त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने शनिवार को कहा कि उन्हें विश्वास है कि बांग्लादेश की नई सरकार दोनों पड़ोसी देशों के फायदे के लिए भारत के साथ अच्छे और अच्छे रिश्ते बनाए रखेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते पहले बहुत मजबूत थे और उम्मीद जताई कि आने वाली सरकार दोनों देशों के आपसी फायदे के लिए आपसी रिश्तों को फिर से ठीक करेगी और और मजबूत करेगी।
साहा ने एक इवेंट के मौके पर मीडिया से कहा, "मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाली सरकार एक नया बांग्लादेश बनाने में मदद करेगी। मैंने त्रिपुरा के लोगों में खुशी देखी है क्योंकि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार बनने वाली है। मैं उस देश के नए प्रधानमंत्री को बधाई देना चाहता हूं और मुझे पूरी उम्मीद है कि पड़ोसी देश में बदलते हालात हम सभी के लिए एक अच्छा डेवलपमेंट होंगे।"
साहा ने कहा कि चूंकि त्रिपुरा के ज्यादातर हिस्से बांग्लादेश के साथ बॉर्डर शेयर करते हैं, इसलिए अगर आने वाले दिनों में पड़ोसी देश में अच्छे डेवलपमेंट होते हैं तो राज्य को काफी फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि 1947 में दोनों देशों के बंटवारे के बाद से, त्रिपुरा में कई लोगों के करीबी रिश्तेदार अभी भी बांग्लादेश में रहते हैं, जबकि बांग्लादेश में भी कई लोगों के करीबी रिश्तेदार त्रिपुरा में हैं। उन्होंने कहा, "त्रिपुरा और बांग्लादेश के लोगों का कल्चर, भाषा, खाने-पीने की आदतें और दूसरी पारंपरिक बातें एक जैसी हैं। त्रिपुरा के लोग हमेशा बांग्लादेश के लोगों से दिल से प्यार करते हैं।"
त्रिपुरा, जिसका बांग्लादेश के साथ 856 किलोमीटर लंबा बॉर्डर है और जो तीन तरफ से पड़ोसी देश से घिरा है, में बांग्लादेशी प्रोडक्ट्स का बहुत बड़ा मार्केट है। चार नॉर्थ-ईस्ट राज्यों में से, त्रिपुरा के बांग्लादेश के साथ सबसे ज्यादा ट्रेडिंग पॉइंट हैं, जिनकी कुल संख्या छह है, जिसमें दो इंटीग्रेटेड चेक पोस्ट (आईसीपी) शामिल हैं।
इन पॉइंट्स के जरिए त्रिपुरा और बांग्लादेश के बीच रेगुलर ट्रेड होता है। चार पूर्वोत्तर राज्य, त्रिपुरा (856 किमी.), मेघालय (443 किमी.), मिज़ोरम (318 किमी.) और असम (263 किमी.), मिलकर बांग्लादेश के साथ 1,880 किमी. लंबा बॉर्डर शेयर करते हैं, और इन सीमाओं पर 12 से ज्यादा बॉर्डर ट्रेड पॉइंट काम करते हैं।
--आईएएनएस
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