Diabetes & Sleep Study 2026: क्या आप भी सप्ताहांत में ज्यादा सोते हैं? सावधान! चीन के वैज्ञानिकों ने बताया नींद और शुगर का चौंकाने वाला कनेक्शन
Newsindialive Hindi March 07, 2026 04:42 PM

बीजिंग/शंघाई। क्या आप जानते हैं कि आपकी नींद की एक-एक मिनट की गिनती आपके शरीर में शुगर लेवल को प्रभावित कर सकती है? हाल ही में चीन के तीन प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों—नानटोंग, हांगकांग और शंघाई जियाओ टोंग—के शोधकर्ताओं ने एक क्रांतिकारी अध्ययन किया है। 2009 से 2023 के बीच लगभग 23,475 लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण करने के बाद वैज्ञानिकों ने वह 'मैजिक नंबर' खोज निकाला है, जो आपको मधुमेह (Diabetes) से बचा सकता है।इंसुलिन और नींद: 7 घंटे 18 मिनट का 'गोल्डन रूल'न्यूज मेडिकल में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) को कम करने और टाइप-2 मधुमेह को रोकने के लिए नींद का एक आदर्श समय तय किया गया है। शोधकर्ताओं का दावा है कि प्रति रात 7 घंटे और 18 मिनट की नींद स्वास्थ्य के लिए सबसे सटीक है।इंसुलिन प्रतिरोध क्या है? जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन हार्मोन के प्रति सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं, तो रक्त में शर्करा (Sugar) का स्तर बढ़ने लगता है, जो अंततः मधुमेह का कारण बनता है।सटीकता का महत्व: शोध में पाया गया कि नींद की अवधि में मामूली बदलाव भी चयापचय (Metabolism) को बिगाड़ सकता है।सप्ताहांत की 'कैच-अप' नींद: वरदान या अभिशाप?अक्सर लोग वर्किंग डेज में कम सोने की भरपाई शनिवार और रविवार को देर तक सोकर करते हैं। वैज्ञानिकों ने इस पर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:कम सोने वालों के लिए: यदि आप काम के दबाव के कारण रोजाना 7 घंटे से कम सो पा रहे हैं, तो सप्ताहांत में 1 से 2 घंटे की अतिरिक्त नींद लेना आपके इंसुलिन लेवल को सुधारने में मददगार हो सकता है।ज्यादा सोने वालों के लिए खतरा: जो लोग पहले से ही हर रात 7 घंटे 18 मिनट से अधिक की नींद ले रहे हैं, उनके लिए सप्ताहांत में 2 घंटे से ज्यादा एक्स्ट्रा सोना नुकसानदायक है। यह सीधे तौर पर इंसुलिन प्रतिरोध को बढ़ाता है और शुगर का जोखिम पैदा करता है।नींद और शुगर का 'दुष्चक्र' (Vicious Cycle)शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि खराब नींद और बढ़ा हुआ ब्लड शुगर एक-दूसरे को बढ़ावा देते हैं।पहला चरण: नींद की कमी या अधिकता से शरीर में इंसुलिन प्रतिरोध बढ़ता है।दूसरा चरण: बढ़ा हुआ शुगर लेवल नींद में बाधा डालता है और अनिद्रा या स्लीप एपनिया जैसे विकार पैदा करता है।परिणाम: यह चक्र चलता रहता है और व्यक्ति धीरे-धीरे मधुमेह की चपेट में आ जाता है।

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