“अगर किसी चीज़ को शिद्दत से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने में लग जाती है.” फिल्म ‘ओम शांति ओम’ में शाहरुख खान का ये डायलॉग ज्यादातर लोगों को याद होगा. अगर इसे असल जिंदगी में देखा जाए तो इसका मतलब है कि अगर आप पूरी ईमानदारी, मेहनत, दृढ़ निश्चय और सच्ची लगन से कोई काम करते हैं तो उसमें कभी न कभी सफलता मिल ही जाती है. इन सारी चीजों के आगे शारीरिक सुंदरता या फिर अक्षमता कोई महत्व नहीं रखती है. महिलाओं ने इस पुरुष वर्चस्व वाले समाज में दुनिया की हर दुश्वारियों से लड़कर अपने लिए समाज में एक अलग जगह और अपना अस्तित्व को बनाए रखने की कोशिश हमेशा से ही की है. हर महिला अपने स्तर पर बहुत कुछ अचीव करती है और इन्हीं अचीवमेंट्स को सेलिब्रेट करने के लिए हर साल महिला दिवस मनाया जाता है. 8 मार्च यानी महिला दिवस के इस खास मौके पर हम बात करेंगे ऐसी 8 मॉडल्स की जिन्होंने सुंदरता, हाइट, शारीरिक क्षमता का जरूरी होना जैसे रटे-रटाए मानदंडों को तोड़कर ग्लैमर इंडस्ट्री में अपनी एक अलग जगह बनाई है और इंस्पिरेशन बनी हैं कि मुश्किल चाहे जैसी भी हो अगर सपने सच करने की सच्ची लगन हो तो हर स्थिति में मंजिल पाई जा सकती है.
मॉडलिंग की दुनिया में शारीरिक बनावट से लेकर हाइट जैसे क्राइटेरिया तय किए जाते हैं. इसी के साथ इस इंडस्ट्री में बालों से लेकर त्वचा तक कई सारी चीजों पर ध्यान दिया जाता है, लेकिन इन सारी मुश्किलों के बावजूद कई ऐसी महिलाएं हैं जिन्होंने मॉडलिंग की इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बनाई है और इन क्राइटेरिया को तोड़कर सफलता पाकर ये साबित किया है कि कुछ भी नामुमकिन नहीं है. तो चलिए जान लेते हैं इन महिलाओं के बारे में.
विन्नी हारलो ने तोड़ा सुंदरता का मिथअक्सर जब हम किसी के सुंदर होने की बात करते हैं तो इमेजिन किया जाता है कि उसका रंग अच्छा हो, त्वचा चमकदार दिखती हो और नैन-नक्श शार्प हो. खासतौर पर ग्लैमर इंडस्ट्री में ये सारी चीजें बेहद मायने रखती हैं, लेकिन सुंदरता के ये गढ़े गए मिथ्स को तोड़ा है विन्नी हारलो (Winnie Harlow) ने. उनको’विटिलिगो'(Vitiligo/त्वचा पर सफेद दाग) की समस्या है, लेकिन उन्होंने इसे कमजोरी बनीं बल्कि अपनी ताकत बनाया है. स्किन की बीमारी के बावजूद उन्होंने मॉडलिंग में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. विन्नी हारलो ने ‘अमेरिकाज नेक्स्ट टॉप मॉडल’ से अपनी इस जर्नी की शुरुआत की. आज उन्हें दुनिया की सबसे चर्चित मॉडल्स में गिना जाता है.
चुनौतियां, लेकिन हार नहीं मानीविटिलिगो की वजह से बचपन में विन्नी हारलो को स्कूल में बुली किए जाने से लेकर उन्होंने अपनी लाइफ में काफी कुछ झेला जैसे लोगों की घूरती हुई नजरें जैसे वो दूसरों से अलग हो. भेदभाव और मजाक बनाए जाने की वजह से उनके कॉन्फिडेंस तक में कमी आई और वो मानसिक रूप से परेशान भी हुई. वहीं मॉडलिंग की दुनिया में शुरुआत में उन्हें काफी रिजेक्शन और चुनौतियों का सामना करना पड़ा, क्योंकि उनका रूप सुंदरता के बनाए गए मानदंडों से मेल नहीं खाता था. विन्नी हारलो की कहानी हमें न सिर्फ ये बताती है कि किसी भी परिस्थिति में आप जीत सकते हैं, बल्कि ये हमें खुद से प्रेम करना सिखाती है. कभी भी अपनी हेल्थ, फिटनेस या शारीरिक समस्याओं को सफलता के बीच नहीं आने देना चाहिए. खुद से प्यार करते हैं तो दुनिया में कुछ भी किया जा सकता है.
Model Winnie Harlow Women Day
मेलानी गेडोस (Melanie Gaydos)इस सीरीज में हम मॉडलिंग की दुनिया की दूसरी सुंदरी मेलानी गेडोस की बात करेंगे, जिन्हें दुर्लभ बीमारी भी कभी आगे बढ़ने से नहीं रोक पाई. मेलानी गेडोस (Melanie Gaydos) ने एक दुर्लभ जेनेटिक विकार ‘एक्टोडर्मल डिस्प्लेसिया’ (Ectodermal Dysplasia) के साथ जन्म लिया. इस डिजीज के कारण दांत, बाल और नाखून सामान्य रूप से विकसित नहीं होते हैं, लेकिन उन्होंने अपनी इस प्रॉब्लम से हार नहीं मानी बल्कि इसे अनूठी पहचान बनाया और पारंपरिक सुदंरता के मानदंडों को चैलेंज करते हुए फैशन की दुनिया में खुद को मजबूती से साबित किया है.
दुर्लभ बीमारी भी नहीं रोक पाईमॉडलिंग करियर के लिए उन्होंने जरूरी पढ़ाई करने के बाद फैशन और आर्ट प्रोजेक्ट्स पर काम किया, लेकिन ये इतना आसान भी नहीं था. दूसरों से अलग दिखने की वजह से सोशल डिस्क्रिमिनेशन होना, बुलीइंग के साथ-साथ हेल्थ प्रॉब्मल की वजह से कई तरह की ट्रीटमेंट और मेडिकल प्रोसेस से गुजरना. इसके साथ करियर के लिए स्ट्रगल भी काफी था. दरअसल इस इंडस्ट्री में पहले ही काफी कॉम्पटीशन है और ऐसे में ट्रेडिशन ब्यूटी क्राइटेरिया को तोड़ना बहुत बड़ा चैलेंज होता है, इस वजह से शुरुआत में काफी कम अवसर थे. मेलानी गेडोस की कहानी हमें सेल्फ एक्सेप्टेंस की ताकत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है.
वाइल्डिन औमोइथे (Wildine Aumoithe)मॉडलिंग एक ऐसे क्षेत्र है, जिसमें हाइट को बहुत तरजीह दी जाती है, क्योंकि माना जाता है कि रैंप वॉक के दौरान लंबी हाइट पर कपड़े ज्यादा बैलेंस और अट्रैक्टिव दिखते हैं. इसलिए इंडस्ट्री में कुछ स्टैंडर्ड तय किए गए हैं, जैसे हाई फैशन या रनवे मॉडलिंग में महिलाओं की मिनिमम हाइट 5.8 फुट होनी चाहिए. कमर्शियल या एंजवर्टाइजिंग मॉडल्स के लिए 5.5 हाइट होनी चाहिएं और पेटाइट मॉजलिंग के लिए कम से कम 5.2 हाइट होनी ही चाहिए. इसके बावजूद भी कई चैलेंज बोते हैं. हालांकि कई महिलाओं ने इन क्राइटेरिया को तोड़ा है. फ्लोरिडा की मॉडल वाइल्डिन औमोइथे (Wildine Aumoithe-USA) दुनिया की सबसे कम हाइट की महिला मॉडल हैं. उनकी लंबाई मात्र 72 सेंटीमीटर (लगभग 28.3 इंच यानी 2 फुट) है.
कम हाइट को नहीं बनने दिया रुकावटजब वाइल्डिन औमोइथे का जन्म हुआ तो डॉक्टरों का कहना था कि शायद ही वो 24 घंटे भी जिंदा रह पाएं. वह चल भी नहीं सकती हैं. इस वजह से रैंप पर व्हील चेयर से जाती हैं.लेकिन बुरी परिस्थितियों में भी उन्होंने वो कर दिखाया है जो शायद असंभव सा लगता है. उनका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है. इसके अलावा वो अपना एक यूट्यूब चैनल भी चलाती हैं. अक्टूबर 2021 में उन्होंने न्यूयॉर्क फैशन वीक में ‘रनवे ऑफ ड्रीम्स, ए फैशन रिवोल्यूशन’ में मॉडलिंग की. उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाकर दुनिया को यह दिखा दिया कि फैशन में सभी को शामिल किया जाना चाहिए, ऊंचाई सिर्फ एक नंबर है और मॉडल बनने के लिए हाइट की कोई सीमा नहीं होनी चाहिए.
प्लस साइज मॉडल एशले ग्राहम
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मॉर्डन लाइफस्टाइल में लोग कई बार बढ़े हुए वजन की वजह से प्रेशर में तक आ जाते हैं. खासतौर पर फिल्म इंडस्ट्री या फैशन की दुनिया में मॉडल्स के लिए तो वेट को कंट्रोल में रखना बहुत जरूरी माना जाता है. इस मिथ को तोड़ा एशले ग्राहम ने. वो दुनिया की सबसे फेमस और सबसे ज्यादा कमाई करने वाली प्लस साइज मॉडल मॉडल हैं. वह कई फैशन मैग्जीन के कवर पेज का फेस रह चुकी हैं. बड़े ब्रांड्स के लिए कैम्पेन करने से लेकर वह कई ब्यूटी पेजेंट्स में जज और होस्ट के रूप में भी काम कर चुकी हैं. इसके अलावा 2016 में एशले के लिए हिस्टोरिकल और यादगार पल था जब वह Sports Illustrated Swimsuit Issue के कवर पेज के लिए पहली प्लस‑साइज मॉडल बनीं.
राह नहीं थी आसानमॉडलिंग की दुनिया के स्टैंडर्ड को तोड़ने में एशले ग्राहम की राह आसान नहीं थी. उन्हें अपने करियर के शुरुआती दिनों में ट्रेडिशनल फैशन इंडस्ट्री में साइज‑स्टैंडर्ड और बॉडी‑शेमिंग को भी फेस करना पड़ा. उन्होंने इस बारे में जिक्र भी किया है कि कुछ डिजाइनर अभी भी बड़े आकार के शरीर पर कपड़े डिजाइन करने से डरते हैं.एशले ग्राहम ने न सिर्फ मॉडलिंग इंडस्ट्री में सफलता पाई है, बल्कि वो इंस्पिरेशन भी हैं. ये चीज हमें अपनी बॉडी को लेकर पॉज़िटिविटी सिखाती है.
न्याकिम गैटवेच (Queen of Dark)
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रंग को लेकर दुनिया में किस तरह के भेदभाव किए जाते हैं, इसको लेकर सिर्फ वही लोग बता या समझ सकते हैं जो इसके साथ बड़े होते हैं. दरअसल हमारे समाज में सुंदरता को ही गोरे रंग से जोड़कर देखा जाता है. खासतौर पर लड़कियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन जरूरी नहीं है कि ये आपके लिए रुकावट बने. रंग आपकी ताकत भी बन सकता है. हम जानेंगे दुनिया की सबसे गहरे रंग की त्वचा वाली मॉडल के बारे में, जिनका नाम न्याकिम गैटवेच (Nyakim Gatwech) है. उन्हें “क्वीन ऑफ डार्क” (Queen of Dark) के नाम से भी जाना जाता है.
रंगभेद का किया सामनादक्षिण सूडान (South Sudan) की रहने वाली न्याकिम गैटवेच एक फेमस फैशन आइकन और सोशल मीडिया मॉडल हैं. न्याकिम गैटवेच ने पर्सनल लाइफ में भी काफी परेशानियां झेलीं. जैसे बचपन का कुछ समय उन्होंने इथियोपिया में बिताया और केन्या के शर्णार्थी कैंपों में भी रहीं. वह महज 14 साल की उम्र में अमेरिका गईं. मॉडलिंग इंडस्ट्री में उन्हें रंग‑भेद (colorism) का सामना करना पड़ा. इसी के चलते त्वचा को के रंग को हल्का करने जैसे सुझाव भी मिलें. हालांकि इन मुश्किलों का सामना करते हुए उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी त्वचा के रंग के साथ ही पहचान पर गर्व जताया. उन्होंने अपनी त्वचा के रंग को बदलने की बजाय इसे पॉजिटिव तरीके से एक्सेप्ट किया.
मडेलीन स्टुअर्ट (Madeline Stuart)
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मडेलीन स्टुअर्ट (Madeline Stuart) एक ऑस्ट्रेलियाई मॉडल हैं, जिनको डाउन सिंड्रोम (Down’s Syndrome) है. ये एक ऐसी हेल्थ प्रॉब्लम होती है, जिसमें फिजिकल और बौद्धिक विकास (intellectual development) देर से होता है. इससे कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम भी होती हैं. इस सिंड्रोम को रोका नहीं जा सकता है, क्योंकि ये एक जेनेटिक प्रॉब्लम होती है. वह एक बार साल 2014 में अपनी मां के साथ फैशन शो में गई थीं और वहीं उन्होंने कहा था कि वो एक मॉडल बनना चाहती हैं. इसके बाद उन्होंने इसपर काम किया. 2015 में उनके वेट लॉस की पिक्चर्स सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं. इसके बाद उन्हें न्यूयॉर्क फैशन वीक में पहली बार रैंप वॉक का मौका मिला. इसके बाद वह कई इंटरनेशनल शोज में हिस्सा ले चुकी हैं.
हेल्थ प्रॉब्लम के बावजूद किया सपना सचDown syndrome की वजह से मडेलीन स्टुअर्ट ने जिंदगी की शुरुआत में कई हेल्थ प्रॉब्लम देखीं और दिल की सर्जरी से भी गुजरीं, लेकिन कहते हैं न कि हार नहीं मानना चाहिए. मॉडलिंग इंडस्ट्री में भी वह पारंपरिक मानकों के हिसाब से फिट नहीं बैठती थीं और इसी वजह से भेदभाव का सामना भी किया. फिर भी उन्होंने अपनी पहचान बनाई और अब वह इंस्पिरेशन हैं. बाधाएं आपको रोक नहीं सकती हैं. ये हम सभी को ध्यान रखना चाहिए.
मौली बैर (Molly Bair)
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सुंदरता किसी मानक की मोहताज नहीं होती है, वो तो आपकी मेहनत से हर दिन और निखरती जाती है. इसे साबित किया है मॉडल नहीं मौली बैर (Molly Bair) ने. जिन्हें अपनी ज्यादा लंबी हाइट, चेहरे के अलग फीचर्स और पतली बॉडी को लेकर बचपन में चिढ़ाया जाता था. इसी वजह से वह असुरक्षित भी महसूस रती थीं, लेकिन धीरे-धीरे वह इंडस्ट्री में कामयाबी की तरफ बढ़ती गईं और आज वह फैशन इंडस्ट्री की जानी-मानी हस्ती हैं
खूबसूरती की नहीं है डेफिनेशन!मौली बैर को अपने ‘एलियन जैसी’ (alien-like) खूबसूरती के लिए पहचाना जाता है. उन्होंने अपने बड़े कान और अनूठे चेहरे के साथ फैशन की दुनिया में लोगों को इंप्रेस और प्रभावित किया है. मौली बैर स्टोरी ये दिखाती है कि रूढ़िवादी सुंदरता के मानकों से अलग हटकर आप अपनी पहचान बना सकते हैं.
विक्टोरिया मोडेस्टा (Viktoria Modesta)विक्टोरिया मोडेस्टा (Viktoria Modesta) एक ब्रिटिश-लातवियाई मॉडल हैं. इसी के साथ वह एक सिंगर और परफॉर्मिंग आर्टिस्ट भी हैं. उन्होंने अपनी कमजोरी को ही मजबूती बनाया है. दरअसल वह एक प्रोस्टेटिक यानी कृत्रिम अंगों वाली आइकन हैं, इसलिए वो अपनी अनोखी पहचान के साथ दुनियाभर में पहचानी जाती हैं.
अक्षमता को हराकर लहराया परचम
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विक्टोरिया मोडेस्टा कोबचपन से ही लेफ्ट पैर में दिक्कत थी. इस वजह से उन्होंने कई सर्जरी करवाईं और आखिरकार उन्होंने अपनी हेल्थ को तरजीह देते हुए एक मुश्किल फैसला लिया. उन्होंने अपना पैर amputate (पैर कटवा लिया) करवाया. इसके बाद उन्होंने फैशन बेस्ड कृत्रिम पैरों का यूज करते हुए काम किया और अपनी एक अलग पहचान बनाई. वह आज भी मॉडलिंग की दुनिया में एक जाना-माना नाम हैं.