Meesho: जाना-माना ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो को तगड़ा झटका लगा है. कंपनी को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये का टैक्स नोटिस भेजा गया है. कंपनी ने 7 मार्च को स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी और इस फैसले को चुनौती देने की भी बात कही. कंपनी ने अपने डिस्क्लोजर में कहा कि यह डिमांड इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 143(3) के तहत जारी एक असेसमेंट ऑर्डर और सेक्शन 156 के तहत एक डिमांड नोटिस के जरिए की गई है.
फाइलिंग के मुताबिक, टैक्स डिपार्टमेंट ने लागू ब्याज समेत 1,499,73,82,840 रुपये की डिमांड की है. जबकि कंपनी की योजना इस डिमांड नोटिस को चुनौती देना है. कंपनी ने कहा कि वह असेसमेंट ऑर्डर में की गई बातों और एडजस्टमेंट से सहमत नहीं है. कंपनी का मानना है कि उसके पास इसे चैलेंज करने के लिए कई कानूनी और असल वजहें हैं और वह अपने फायदे के खातिर जरूरी कदम उठा रही है. इस बीच कंपनी ने यह भी कहा कि इस ऑर्डर का उसकी फाइनेंशियल हालत, ऑपरेशन या दूसरी एक्टिविटी पर कोई बड़ा बुरा असर नहीं पड़ेगा.
असेसमेंट ईयर 2023-24 के लिए भेजे गए इस नोटिस में आयकर विभाग ने कंपनी पर आय को कम दिखाने (Under-reporting of income) का आरोप लगाया है. इसमें टोटल टैक्स अमाउंट 1499.7 करोड़ है, जिसमें ब्याज भी शामिल है. कंपनी ने कहा कि उसे पिछले असेसमेंट ईयर (2022–23) के लिए भी ऐसा ही डिमांड ऑर्डर पहले जारी किया गया था. फाइलिंग के मुताबिक, यह मामला अभी कर्नाटक हाई कोर्ट में लंबित है, जिसने 17 अप्रैल, 2025 को डिमांड नोटिस पर अंतरिम रोक लगा दी थी.
2015 में IIT ग्रैजएट्स विदित आत्रे और संजीव बरनवाल ने Meesho की शुरुआत की थी. बेंगलुरु बेस्ट यह कंपनी वैल्यू कॉमर्स और छोटे सेलर्स पर फोकस करने वाला एक मार्केटप्लेस चलाती है, जो ज्यादातर टियर-II और छोटे शहरों के कंज्यूमर्स पर फोकस करती है. कंपनी ने कहा कि वह अपना ऑपरेशन जारी रखते हुए टैक्स डिमांड के खिलाफ कानूनी उपाय करेगी.
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