संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण कल, यानी सोमवार से शुरू होने जा रहा है। इसकी शुरुआत हंगामेदार होने की संभावना है। सरकार इस बात के लिए तैयार है कि स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हो और इसे वोटिंग के जरिए खारिज किया जाए। विपक्ष के पास संख्या बल नहीं है। भाजपा ने अपने सांसदों के लिए व्हिप जारी किया है, जबकि कांग्रेस ने भी तीन दिनों के लिए व्हिप जारी किया है। पहले दिन स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा होगी, जिसमें सभी विपक्षी दल अपनी बात रखेंगे। उनका आरोप है कि स्पीकर पक्षपाती हैं। हालांकि, सभी पार्टियां कांग्रेस के साथ मिलकर वोटिंग नहीं करेंगी।
पहले दिन विपक्ष की एकता की परीक्षा होगी। संभव है कि तृणमूल कांग्रेस के सांसद वाकआउट करें। एसआईआर को लेकर जो टकराव उत्पन्न हुआ है, उसमें तृणमूल कुछ भी कर सकती है। सपा के सांसदों पर भी नजर रखी जाएगी। असली विवाद तब होगा जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ पेश किया गया सब्सटेंसिव मोशन आएगा, जिसमें राहुल की सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव पर पहले भी सांसदों की सदस्यता समाप्त की जा चुकी है। इसे कमेटी में भेजने और चर्चा कराने का निर्णय स्पीकर को लेना है। यह मुद्दा पक्ष और विपक्ष के बीच बड़े टकराव का कारण बनेगा। इसी टकराव के बीच बजट पास होगा। यह भी कहा जा रहा है कि जिन राज्यों में चुनाव हैं, वहां की पार्टियां चाहती हैं कि संसद का सत्र समय से पहले समाप्त हो। इसलिए, संभावना है कि दो अप्रैल से पहले ही सत्र समाप्त हो जाए।