5G vs WiFi Calling: आजकल स्मार्टफोन में कॉल करने के लिए सिर्फ मोबाइल नेटवर्क ही नहीं बल्कि Wi-Fi Calling जैसी नई टेक्नोलॉजी भी मिलती हैं. कई लोग 5G नेटवर्क और Wi-Fi Calling के बीच का फर्क समझ नहीं पाते और अक्सर गलत समय पर गलत विकल्प इस्तेमाल कर लेते हैं. दरअसल दोनों तकनीकों का काम कॉल को बेहतर बनाना है, लेकिन इनके इस्तेमाल का तरीका और परिस्थिति अलग होती है. सही स्थिति में सही टेक्नोलॉजी चुनने से कॉल क्वालिटी बेहतर हो सकती है और नेटवर्क की समस्या भी काफी हद तक कम हो जाती है.
5G और Wi-Fi Calling क्या है?5G और Wi-Fi Calling दोनों आधुनिक कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी हैं, लेकिन इनकी कार्यप्रणाली अलग होती है. 5G एक हाई-स्पीड मोबाइल नेटवर्क है जो इंटरनेट और कॉलिंग दोनों को तेज और बेहतर बनाने के लिए बनाया गया है. यह सीधे मोबाइल टावर के जरिए काम करता है और तेज डेटा स्पीड देने के लिए जाना जाता है. दूसरी ओर Wi-Fi Calling मोबाइल नेटवर्क की बजाय इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल करती है. जब फोन में नेटवर्क कमजोर होता है तो यह फीचर Wi-Fi के जरिए कॉल को कनेक्ट करता है. इससे उन जगहों पर भी साफ आवाज में कॉल हो पाती है जहां मोबाइल सिग्नल कमजोर होते हैं.
5G कॉलिंग कब करना चाहिए इस्तेमालजब आपके फोन में मोबाइल नेटवर्क मजबूत हो और 5G सिग्नल उपलब्ध हों, तब 5G नेटवर्क पर कॉल करना सबसे बेहतर विकल्प होता है. यह कॉलिंग को फास्ट और स्टेबल बनाता है और कई बार कॉल कनेक्ट होने में भी कम समय लगता है. खासकर बाहर खुले इलाके में या शहरों में जहां 5G नेटवर्क अच्छी तरह काम कर रहा है, वहां यह तकनीक ज्यादा भरोसेमंद होती है. इसके अलावा अगर आप मोबाइल डेटा भी इस्तेमाल कर रहे हैं तो 5G नेटवर्क आपको बेहतर इंटरनेट स्पीड भी देता है.
Wi-Fi कॉलिंग कब करना चाहिए इस्तेमालWi-Fi Calling उन जगहों पर सबसे ज्यादा काम आती है जहां मोबाइल नेटवर्क कमजोर होता है. कई बार घर, ऑफिस या बेसमेंट जैसे इलाकों में सिग्नल कमजोर हो जाते हैं, जिससे कॉल कटने या आवाज टूटने की समस्या होती है. ऐसी स्थिति में अगर फोन Wi-Fi से कनेक्ट हो तो Wi-Fi Calling अपने आप एक्टिव हो सकती है. यह इंटरनेट के जरिए कॉल को कनेक्ट करती है और आवाज की क्वालिटी को बेहतर बनाए रखने की कोशिश करती है. इसलिए कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में यह फीचर काफी उपयोगी साबित होता है.
कॉल क्वालिटी और नेटवर्क पर असर5G नेटवर्क के जरिए की गई कॉल आमतौर पर स्टेबल और साफ होती है, क्योंकि यह सीधे मोबाइल नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित होती है. मजबूत सिग्नल होने पर इसमें कॉल ड्रॉप की संभावना कम रहती है और आवाज भी साफ सुनाई देती है. वहीं वाई-फाई कॉलिंग की क्वालिटी काफी हद तक आपके इंटरनेट कनेक्शन पर निर्भर करती है. अगर Wi-Fi नेटवर्क फास्ट और स्टेबल है तो कॉल क्वालिटी भी अच्छी मिलती है. लेकिन कमजोर इंटरनेट कनेक्शन होने पर कॉल में देरी या आवाज कटने की समस्या भी हो सकती है.
सही इस्तेमाल से मिलेगा बेहतर रिजल्टस्मार्टफोन यूजर्स के लिए सबसे बेहतर तरीका यह है कि दोनों तकनीकों का इस्तेमाल परिस्थिति के हिसाब से किया जाए. जहां मोबाइल नेटवर्क मजबूत हो वहां 5G कॉलिंग बेहतर रहती है, जबकि कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों में Wi-Fi Calling ज्यादा उपयोगी साबित हो सकती है. अधिकांश स्मार्टफोन में Wi-Fi Calling को सेटिंग्स में जाकर ऑन किया जा सकता है. इसे एक्टिव रखने से फोन जरूरत पड़ने पर खुद ही बेहतर नेटवर्क का चुनाव कर लेता है. इससे कॉलिंग का एक्सपीरियंस बेहतर और ज्यादा भरोसेमंद बन जाता है.
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