बीजेपी सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने दुर्गा पूजा की अंतर्राष्ट्रीय मान्यता और प्रचार को लेकर लोकसभा में सवाल पूछा. ज्योतिर्मय सिंह महतो ने पूछा कि यूनेस्को द्वारा दुर्गा पूजा को सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दिए जाने के बाद सरकार ने इसे वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए क्या पहल की है. इसके अलावा क्या सरकार ने दुर्गा पूजा को एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक आयोजन के रूप में संरक्षितऔर वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए कोई विशेष धनराशि आवंटित की है और क्या सरकार ने वैश्विक मंचों पर दुर्गा पूजा को प्रदर्शित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों, भारतीय दूतावासों और सांस्कृतिक संस्थानों के साथ सहयोग किया है.
क्या दुर्गा पूजा को लेकर रिसर्च या डॉक्यूमेंटेशन प्रोजेक्ट शुरू किया है?
ये भी पूछा कि क्या सरकार के पास पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा समारोह में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पर्यटन प्रचार अभियान का विस्तार करने की कोई विशिष्ट योजना है और क्या दुर्गा पूजा के ऐतिहासिक, कलात्मक और सामाजिक-सांस्कृतिक महत्व को उजागर करने के लिए कोई रिसर्च या डॉक्यूमेंटेशन प्रोजेक्ट शुरू किया है?
शेखावत ने बताया सरकार ने कितना खर्च किया
इन सबके जवाब में संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय की वैश्विक जुड़ाव योजना के तहत दुर्गा पूजा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय संगठनों को अनुदान दिया जाता है. साल 2023 में यूनेस्को को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के तहत नामांकन प्रस्तुत करने के लिए दुर्गा पूजा के डॉक्यूमेंटेशन और रिसर्च के लिए मंत्रालय ने 22,29,244 रुपये की राशि आवंटित की.
पिछले साल के कार्यक्रम की दी जानकारी
मंत्री ने बताया कि सितंबर 2025 में संगीत नाटक अकादमी (SNA) ने टोक्यो में भारतीय बंगाली समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले इप्पन शादान हाउजिन इंडोजिनो त्सुदोई के साथ दुर्गा पूजा समारोह का एक वीडियो साझा किया, जो इस त्योहार को गहरी भक्ति और सांस्कृतिक उत्साह के साथ मनाता है. इसके अलावा 8-13 दिसंबर 2025 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित अंतरसरकारी समिति की बैठक के दौरान 190 से अधिक भाग लेने वाले देशों के प्रतिनिधियों और यूनेस्को के अधिकारियों के सामने एक पारंपरिक धुनुची नाच प्रदर्शित किया गया.
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी देते हुए कहा कि सरकार यूनेस्को की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता प्राप्त दुर्गा पूजा को बढ़ावा देने के लिए अपने असम्भव भारत 2.0 अभियान का विस्तार कर रही है, जिसमें विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज और सांस्कृतिक प्रदर्शन शामिल है.