8 मार्च 2026 को भारत के खिलाफ खेले गए विश्व कप फाइनल में न्यूज़ीलैंड की 96 रनों की करारी हार के बाद मार्क चैपमैन की फॉर्म चर्चा का विषय बनी हुई है। ताजा अपडेट के अनुसार, जब न्यूज़ीलैंड 255 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा कर रहा था, तब मार्क चैपमैन मात्र 3 रन बनाकर हार्दिक पंड्या की गेंद पर बोल्ड हो गए। उनकी इस पारी के दौरान वे बिल्कुल भी सहज नज़र नहीं आए, जिससे न्यूज़ीलैंड का स्कोर 70/4 हो गया और टीम गहरे संकट में फंस गई।
पूरे टूर्नामेंट की बात करें तो चैपमैन न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाजी क्रम की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुए। उन्होंने इस संस्करण में 18.80 की औसत से कुल 94 रन बनाए। टूर्नामेंट में उनका एकमात्र उल्लेखनीय योगदान ग्रुप स्टेज में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रहा था, जहाँ उन्होंने 26 गेंदों पर 48 रनों की आक्रामक पारी खेली थी। उस मैच में न्यूज़ीलैंड की ओर से कोई भी अन्य बल्लेबाज 35 का आंकड़ा पार नहीं कर पाया था, लेकिन चैपमैन की वह पारी भी टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं रही।
क्रिकेट समीक्षकों ने चैपमैन को 10 में से मात्र 4 की रेटिंग दी है, जो टीम में उनके निराशाजनक प्रदर्शन को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नॉकआउट मुकाबलों में चैपमैन की विफलता ने न्यूज़ीलैंड के लोअर-मिडल ऑर्डर पर अतिरिक्त दबाव डाला, जिसका फायदा भारतीय गेंदबाजों ने बखूबी उठाया। हालांकि, फील्डिंग में उन्होंने अपनी सक्रियता दिखाई और ईशान किशन (54) का एक महत्वपूर्ण कैच लपका, लेकिन बल्लेबाजी में उनकी नाकामी टीम की हार का एक मुख्य कारण बनी। फिलहाल, उपविजेता टीम के साथ स्वदेश लौट रहे चैपमैन को अपनी तकनीक और निरंतरता पर काम करना होगा, ताकि वे आगामी श्रृंखलाओं में अपनी जगह बचा सकें।