'संस्कृत से 12वीं पास, तभी मंदिर में करा पाएंगे हवन'… आगरा मालवा में SDM का अनोखा फरमान
TV9 Bharatvarsh March 10, 2026 08:43 PM

मध्य प्रदेश के आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर प्रबंधन एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार मंदिर के पंडितों ने अलग तरह का मोर्चा खोल दिया है. मंदिर प्रबंधन की ओर से पंडितों के लिए कक्षा 12वीं में संस्कृत विषय की पात्रता अनिवार्य किए जाने के फैसले का विरोध शुरू हो गया है. बता दें कि मंदिर प्रबंधन के अध्यक्ष वहां के SDM है. इस फैसले से नाराज पंडितों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर नई व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन किया और पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है.

पंडितों का कहना है कि मंदिर प्रबंधन द्वारा लागू किए गए इस नियम से कई वर्षों से सेवा दे रहे पंडितों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है. उनका आरोप है कि नई पात्रता लागू होने के बाद उन्हें मंदिर में हवन-अनुष्ठान करने से रोका जा रहा है, जिससे उनके परिवार के जीवन यापन में परेशानी हो रही है. इसी को लेकर पंडितों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और मंदिर प्रबंधन के फैसले का विरोध जताया.

पंडितों ने नई व्यवस्था पर जताया विरोध

पंडितों का कहना है कि यदि जल्द ही पुरानी व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो वे आंदोलन तेज करेंगे. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आमरण अनशन भी किया जाएगा. इस मामले ने एक बार फिर बगलामुखी माता मंदिर को चर्चाओं में ला दिया. प्रबंधन के फैसले से पंडितों में काफी आक्रोश है. उन्होंने तत्काल इस फैसले को वापिस लेने की मांग की है, ताकि पुराने समय से मंदिर में सेवाएं दे रहे पंडित आराम से अपना और अपने परिवार का जीवन यापन कर सके.

पहले भी चर्चाओं में रहा बगलामुखी मंदिर

बता दें कि इससे पहले मंदिर उस समय चर्चाओं में आया था, जब मां बगलामुखी के दर्शन करने पहुंचे नायब तहसीलदार अरुण चंद्रवंशी की चप्पलें चोरी हो गई थीं. उन्होंने मामले में पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखते हुए चोर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की थी. इतना ही नहीं, उन्होंने मंदिर में होने वाली अन्य चीजों की चोरी पर रोकथाम लगाने की भी मांग की थी.

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