India Weather Update: मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन देश के अलग-अलग राज्यों में भीषण गर्मी का असर दिखने लगा है. उत्तर-पश्चिम और पश्चिम भारत के कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है. राजधानी दिल्ली में बुधवार को न्यूनतम तापमान करीब 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हालांकि, आसमान में हल्के बादल छाए रह सकते हैं. मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों तक दिल्ली में मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा. सुबह और रात के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है, जबकि दिन में गर्मी बढ़ेगी.
मौसम विभाग के अनुसार, 11 से 12 मार्च के दौरान जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है. 11 से 15 मार्च के बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी कहीं-कहीं बारिश और बर्फबारी हो सकती है. शिमला में 11 और 12 मार्च को गरज के साथ बारिश की संभावना है, जिसको लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया गया है. इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
इन राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्टमौसम विभाग ने 11 से 16 मार्च के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में हल्की बारिश की संभावना जताई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 मार्च को जबकि पश्चिमी राजस्थान में 14 मार्च को और पूर्वी राजस्थान में 14 और 15 मार्च को हल्की बारिश हो सकती है. इसके अलावा बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी अलग-अलग दिनों में आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है. पूर्वोत्तर भारत के अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
राजस्थान और गुजरात में हीट वेव की चेतावनीमौसम विभाग ने पश्चिमी राजस्थान, गुजरात के कुछ जिलों में हीट वेव जैसी स्थिति बनने की चेतावनी दी है. गुजरात के तटीय इलाकों में 11 से 13 मार्च के बीच गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना है. राजस्थान में गर्मी का असर सबसे अधिक दिखाई दे रहा है. मंगलवार को बाड़मेर राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके बाद झुंझुनू के पिलानी में तापमान 39.3 डिग्री सेल्सियस रहा.
चित्तौड़गढ़, चूरू, बीकानेर और सीकर के फतेहपुर में भी तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया. जयपुर में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई है, हालांकि 12 मार्च से तापमान में हल्की गिरावट आने के संकेत हैं.
जम्मू-कश्मीर का कैसा है मौसम?दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को लंबे समय से चले आ रहे सूखे के बीच बारिश से राहत मिली. कश्मीर घाटी के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई, जबकि मैदानी क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई. श्रीनगर समेत कई इलाकों में सुबह तक बारिश जारी रही.
दरअसल, दिसंबर 2025 से फरवरी 2026 के बीच राज्य में सामान्य से करीब 65 प्रतिशत कम वर्षा हुई थी. इस अवधि में केवल 100.6 मिमी बारिश हुई, जबकि सामान्य तौर पर 284.9 मिमी वर्षा होती है. ऐसे में हालिया बारिश और बर्फबारी से जल स्रोतों और खेती को कुछ राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर और फसलों की स्थिति पर अभी भी लगातार निगरानी रखने की जरूरत है.