News India Live, Digital Desk: आज शनिवार, 21 मार्च 2026 को चैत्र शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, आज चैत्र नवरात्रि का तीसरा दिन है, जो मां दुर्गा के तीसरे स्वरूप 'मां चंद्रघंटा' को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा की पूजा करने से भक्तों को साहस और वीरता की प्राप्ति होती है। आज का दिन आध्यात्मिक और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है, हालांकि दिन के कुछ हिस्सों में राहुकाल के दौरान शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।आज की तिथि और नक्षत्र: जानें ग्रहों की चालपंचांग के अनुसार, आज तृतीया तिथि शाम 04:15 बजे तक रहेगी, जिसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज का नक्षत्र अश्विनी है, जो दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा और उसके बाद भरणी नक्षत्र की शुरुआत होगी। अश्विनी नक्षत्र के स्वामी केतु हैं और भरणी के स्वामी शुक्र, इसलिए आज के दिन इन दोनों ग्रहों का प्रभाव जातकों के जीवन पर देखने को मिलेगा।मां चंद्रघंटा की पूजा और शुभ मुहूर्तनवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है। उनके माथे पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। आज पूजा के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त निम्नलिखित हैं:अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक। (किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ)अमृत काल: सुबह 06:15 बजे से 07:50 बजे तक।ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:48 बजे से 05:36 बजे तक।सावधान: राहुकाल में न करें शुभ कार्यज्योतिष शास्त्र में राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है। इस दौरान शुरू किए गए कार्यों में बाधाएं आने की आशंका रहती है। आज शनिवार को राहुकाल का समय इस प्रकार रहेगा:राहुकाल: सुबह 09:30 बजे से 11:01 बजे तक।गुलिक काल: सुबह 06:27 बजे से 07:58 बजे तक।यमगण्ड: दोपहर 02:03 बजे से 03:34 बजे तक।आज का पंचांग एक नजर में (21 मार्च 2026)विवरणसमय/तिथितिथिचैत्र शुक्ल तृतीया (शाम 04:15 तक)दिनशनिवारनक्षत्रअश्विनी (दोपहर 12:45 तक)योगविष्कुम्भ (दोपहर 01:22 तक)करणतैतिल (शाम 04:15 तक)सूर्योदयसुबह 06:27 बजेसूर्यास्तशाम 06:36 बजेचंद्रोदयसुबह 08:12 बजे