महंगा होगा आसमान का सफर! 1 अप्रैल से दिखेगा ATF की कीमतों का असर; एयरलाइंस और यात्रियों की बढ़ी धड़कनें
TV9 Bharatvarsh March 22, 2026 02:42 PM

नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि ATF (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की कीमतों में बढ़ोतरी का असर 1 अप्रैल से दिखाई देगा. विशाखापत्तनम में मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि ATF की कीमतें हर महीने की पहली तारीख को तय की जाती हैं. इसका असर 1 अप्रैल से दिखाई दे सकता है. क्षेत्रीय तनावों के बीच, मंत्रालय ने भरोसा दिलाया कि सेफ ऑपरेशनल उनकी प्राथमिकता है और वह फीडबैक लेने के लिए एयरलाइंस के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है. यह एक “मल्टी डिपार्टमेंटल एक्सरसाइज” है.

नायडू ने कहा कि हम सेफ ऑपरेशनल चाहते हैं, खासकर मिडिल ईस्ट और अन्य सभी जगहों पर भी. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नागरिक उड्डयन, विदेश मंत्रालय और पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय मिलकर चर्चा करेंगे ताकि सबसे अच्छा नतीजा निकाला जा सके. नायडू ने आगे कहा कि इस बढ़ोतरी का असर ऑपरेशन या पैसेंजर्स पर नहीं पड़ना चाहिए. मंत्रालय का यही इरादा होगा, और हम इस दिशा में सकारात्मक रूप से काम करेंगे.

एयरलाइन कंपनियां कर रही सरचार्ज में इजाफा

इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में जियो पॉलिटिकल टेंशन के कारण जेट फ्यूल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए, एयर इंडिया घरेलू और इंटरनेशनल रूट्स पर फेजवाइज तरीके से फ्यूल सरचार्ज बढ़ा रही है. वहीं, अकासा एयर ने 15 मार्च को 00:01 बजे से की गई बुकिंग के लिए अपनी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर एक नया फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है, जिसका कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की लागत में हुई भारी बढ़ोतरी है. पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो गई है, जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख मार्गों से कच्चे तेल और गैस की आवाजाही प्रभावित हुई है.

फ्यूल सप्लाई पर बोले पेट्रोलियम मिनिस्टर

इससे पहले 12 मार्च को, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा को बताया कि पश्चिम एशिया संघर्ष के बाद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आई भारी बाधा का सामना देश सफलतापूर्वक कर रहा है. हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि भारत के पास पर्याप्त गैस उत्पादन और आपूर्ति की व्यवस्था है, जिससे लंबे समय तक संघर्ष चलने की स्थिति में भी हम अपनी इस स्थिति को बनाए रख सकते हैं. हर घर और उद्योगों के लिए बिजली उत्पादन पूरी तरह से सुरक्षित है. उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि “पेट्रोल, डीजल, केरोसिन, ATF या फ्यूल ऑयल की कोई कमी नहीं है. पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, केरोसिन और फ्यूल ऑयल की उपलब्धता पूरी तरह से सुनिश्चित है. उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, और कभी-कभी तो वे “100 प्रतिशत से भी अधिक क्षमता” पर काम कर रही हैं.

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