हमको ठगा और लूटा गया…संजय निषाद मंच पर फूट-फूट कर रोए, अखिलेश यादव ने किया तंज
TV9 Bharatvarsh March 23, 2026 07:44 AM

उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद रविवार को गोरखपुर के महंत दिग्विजयनाथ पार्क में आयोजित विशाल रैली के मंच पर फूट-फूटकर रो पड़े. 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों को औपचारिक रूप देते हुए उन्होंने निषाद समाज से अपनी पार्टी को मजबूत करने की अपील की.

मंच से संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि हमारे लोगों का वोट छीना जा रहा है. हमारी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी जा रही है. हमें मजबूत होना होगा. आप सभी से इतना कहूंगा कि अपनी निषाद पार्टी के लिए खड़े हो जाओ, अपनी पार्टी को मजबूत करो.

हमको ठगने और लूटने का काम किया

भावुक होते हुए उन्होंने आगे कहा कि मेरी बहन-बेटियों की इज्जत लूटी गई है, हमारे बच्चों को पीछे छोड़ दिया गया. संजय निषाद ने कहा कि पिछली सरकारों ने हमको ठगने और लूटने का काम किया, हम लोगों को अपने अधिकार से वंचित रखा गया था. मैं अपने समाज से अपील करता हूं कि ठगों और बेईमानों का साथ छोड़ें.

2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद

इससे पहले रविवार सुबह ही डॉ. संजय निषाद ने 2027 विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया. करीब 3000 बाइक सवार कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने भव्य रैली निकाली. खुद कैबिनेट मंत्री बुलेट मोटरसाइकिल से आगे-आगे चल रहे थे और बिना हेलमेट पहने ही बुलेट चला रहे थे. रैली की शुरुआत निषाद पार्टी के कार्यालय से हुई. यह करीब 10 किलोमीटर लंबी थी.

सपा ने हमारी पढ़ाई-लिखाई छीनी

रैली को संबोधित करते हुए डॉ. संजय निषाद ने कहा कि सपा ने हमारी पढ़ाई-लिखाई छीन ली, जबकि बसपा ने रोजी-रोटी छीनी. ये वापस होना चाहिए. हमारे समाज की गिनती अनुसूचित जाति में हो. इसके लिए हम चार बड़ी रैलियां करने जा रहे हैं. उन्होंने बताया कि गोरखपुर के अलावा वाराणसी, प्रयागराज और मेरठ में भी विशाल रैलियां आयोजित की जाएंगी. कार्यक्रम में सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर और अपना दल के अध्यक्ष एवं कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल भी शामिल होने वाले हैं.

निषाद पार्टी का गठबंधन और चुनावी रणनीति

निषाद पार्टी का पूरा नाम निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल है. वर्तमान में पार्टी उत्तर प्रदेश में सत्ताधारी दल बीजेपी के साथ गठबंधन में है. 2022 के विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी ने बीजेपी के साथ मिलकर 15 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इसमें 9 सीटों पर निषाद पार्टी के थाली चिह्न पर जीत हासिल हुई, जबकि 6 विधायक थाली पर और 3 बीजेपी चिह्न पर चुनाव जीते थे.

2027 के चुनाव को देखते हुए पार्टी ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं. यूपी में निषाद समाज का वोट लगभग 4.5 प्रतिशत है. 403 सदस्यीय विधानसभा में करीब 80 सीटें ऐसी हैं, जहां निषाद वोटरों की संख्या एक लाख के करीब पहुंचती है. यदि निषाद समाज की सभी उपजातियों को जोड़ दें तो यह संख्या लगभग 9 प्रतिशत हो जाती है.

अखिलेश यादव बोले- धोखा मत देना

निषाद पार्टी अध्यक्ष डॉ. संजय निषाद के भावुक होने और रोने के वीडियो के वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि ये बीजेपी के साथ जाने पर पश्चाताप के आंसू हैं या प्रायश्चित के? अखिलेश यादव ने आगे लिखा, पीड़ा बढ़ रही है. पीड़ित बढ़ रहे हैं इसीलिए पीडीए बढ़ रहा है. जनता कह रही है कि इस वीडियो के बैकग्राउंड में जो गाना हमें सुनाई दे रहा है वो हमारा भ्रम है या सच है: हम थे जिनके सहारे वो हुए न हमारे.

पीडीए का झंडा उठाएं संजय निषाद

संजय निषाद के भावनात्मक रूप से टूटने पर अखिलेश यादव ने कहा कि हम स्कूल में कहते थे: अगर हमारे टिफिन में खाना है, तो कोई भी भूखा आकर खा सकता है. लेकिन यहां, कुछ भी नहीं है, जो कुछ भी उपलब्ध है वह कहीं और है. वे कहते हैं कि समाधान यहां है, लेकिन पहले लोगों को बुरी तरह से पीटा गया और मिनटों में कहानी बदल गई. यदि आप आरक्षण चाहते हैं, तो सम्मान के साथ पीडीए का झंडा उठाएं. अभी भी देर नहीं हुई है. अब वे गोरखपुर में क्षति-नियंत्रण बैठकें भी कर रहे हैं. लेकिन यह काम नहीं करेगा.

अखिलेश यादव ने कहा कि गोरखपुर, मथुरा, बदायूं और लखनऊ में हत्याएं हुई हैं. यहां तक कि वाराणसी में भी, जहां से प्रधानमंत्री तीन बार चुने गए हैं, छात्रों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा गया और अब सरकार डैमेज कंट्रोल कर इसे छुपाने की कोशिश कर रही है. डॉ. संजय निषाद की इस भावुक अपील और अखिलेश यादव के जवाब ने पूरे उत्तर प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना दिया है.

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