उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. हालांकि विधानसभा चुनावों में अभी काफी समय है. लेकिन, तमाम राजनीतिक दलों की तरफ से अपनी-अपनी तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इसी बीच निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानी की निषाद पार्टी ने गोरखपुर रैली आयोजित की. इसी रैली का एक वीडियो अब सोशल मीडिया समेत राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है. इसमें मंत्री संजय निषाद रोते हुए नजर आ रहे हैं. वीडियो सामने आने के बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर अब अटकलों का बाजार एक बार फिर गर्म हो गया है.
संजय निषाद का जैसे ही फूट-फूटकर रोने का वीडियो सामने आया है. वैसे ही सवाल उठ रहे हैं कि क्या वे एक बार फिर समाजवादी पार्टी का दामन थामेंगे? इसको लेकर खुद संजय ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने मेरे लिए दरवाजा बंद कर दिया था. हम बीजेपी के साथ हैं. मतलब साफ है कि संजय अभी एनडीए के साथ ही रहेंगे. उनका पाला बदलने का कोई प्लान नहीं है.
सपा में जाने को लेकर क्या बोले संजय निषाद?मंत्री संजय निषाद से पूछा गया कि क्या वे विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के साथ आएंगे? इस पर उन्होंने जवाब दिया कि वे पहले समाजवादी पार्टी में ही थे. हालांकि उन्होंने मेरे लिए दरवाजा बंद कर दिया था. यही वजह है कि वहां का साथ छोड़कर मुझे बीजेपी में आना पड़ा था.
#WATCH | Sultanpur: Uttar Pradesh Minister Sanjay Nishad says, “I was with the Samajwadi Party, they closed the door for me. The issue of reservation is our party’s issue,… They (BJP) have done very good work; Prime Minister Modi is giving respect, they are working to bring our pic.twitter.com/e8bifddfSP
— ANI (@ANI)
उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा हमारी पार्टी का मुद्दा है. उन्होंने (BJP) बहुत अच्छा काम किया है. प्रधानमंत्री मोदी सम्मान दे रहे हैं, वे हमारे लोगों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए काम कर रहे हैं. हमारी पार्टी BJP के साथ है. उन्होंने कहा कि हम अभी तो बीजेपी के साथ ही हैं. उन्होंने कहा कि तब भी हम BJP के साथ थे. हमने पहले भी कहा था कि जब सबने साथ छोड़ दिया था, हम 2019 से BJP को जीत दिलाते आ रहे हैं. BJP को इस बारे में सोचना चाहिए.
एससी आरक्षण की मांग कर रहे संजय निषादसंजय निषाद आरक्षण का मुद्दा उठाकर निषाद समाज को एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने रैली में समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि निषाद समाज का हक सवर्णों ने नहीं, बल्कि सपा, बसपा और कांग्रेस ने छीना है. संजय निषाद लंबे समय से एससी आरक्षण की मांग कर रहे हैं. इसको लेकर उन्होंने बीजेपी से भी कहा कि उन्हें इस बारे में सोचना चाहिए. बहरहाल संजय ने अभी तो साफ कर दिया कि वे कहीं नहीं जा रहे हैं. हालांकि चुनावी माहौल में देखना होगा कि आने वाले समय में वे क्या फैसला लेते हैं.