राजस्थान को पंजाब का 1.44 लाख करोड़ का नोटिस ,1920 के समझौते और 1960 की संधि के बीच फंसा पानी का खेल
Newsindialive Hindi March 23, 2026 06:43 PM

News India Live, Digital Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक ऐसी मांग उठाकर उत्तर भारत की राजनीति में हलचल मचा दी है, जिसकी गूँज अब कोर्ट तक पहुँचने वाली है। पंजाब सरकार ने राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपये की 'रॉयल्टी' (Royalty) मांगी है। मान का दावा है कि राजस्थान पिछले 66 सालों से पंजाब की नदियों का पानी मुफ्त में इस्तेमाल कर रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा है कि राजस्थान या तो यह बकाया चुकाए, या फिर पंजाब से पानी लेना बंद कर दे।क्या है ₹1.44 लाख करोड़ की मांग का गणित?पंजाब सरकार के अनुसार, यह कोई नया विवाद नहीं बल्कि एक सदी पुराना हिसाब है:1920 का त्रिपक्षीय समझौता: ब्रिटिश काल (सितंबर 1920) में तत्कालीन पंजाब सरकार, बीकानेर रियासत (महाराजा गंगा सिंह) और बहावलपुर रियासत के बीच एक समझौता हुआ था। इसके तहत राजस्थान को पानी के बदले प्रति एकड़ के हिसाब से 'रॉयल्टी' देनी थी।1960 तक हुआ भुगतान: पंजाब का दावा है कि राजस्थान ने 1960 तक इस पानी का पैसा दिया, लेकिन उसके बाद भुगतान बंद कर दिया।66 साल का बकाया: 1960 से 2026 तक की अवधि और वर्तमान दरों के आधार पर पंजाब ने यह राशि ₹1,44,000 करोड़ (1.44 लाख करोड़) आंकी है। वर्तमान में राजस्थान 'राजस्थान फीडर' के जरिए करीब 18,000 क्यूसेक पानी ले रहा है।विवाद की जड़: 1920 बनाम 1960 का कानूनइस पूरे विवाद में दो ऐतिहासिक दस्तावेज आमने-सामने हैं:पंजाब का पक्ष (1920 समझौता): पंजाब का कहना है कि 1920 का समझौता कभी रद्द नहीं हुआ। राजस्थान आज भी उसी समझौते के तहत पानी ले रहा है, तो उसे भुगतान भी उसी के अनुसार करना चाहिए। पंजाब 'रिपेरियन सिद्धांत' (Riparian Principle) का हवाला देता है, जिसके अनुसार जिस राज्य से नदी बहती है, उस पर उसका प्राथमिक अधिकार है।राजस्थान का पक्ष (1960 की सिंधु जल संधि): राजस्थान का तर्क है कि 1960 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुई 'सिंधु जल संधि' (Indus Waters Treaty) के बाद नई व्यवस्थाएं बनीं। राजस्थान सरकार का कहना है कि उसे पानी कानूनी समझौतों (1955, 1981) के तहत मिल रहा है और पंजाब की मांग 'असंवैधानिक' है।क्यों अब गरमाया यह मुद्दा? (Political Timing)विशेषज्ञों का मानना है कि इस मांग के पीछे पंजाब का गहराता जल संकट है। पंजाब का भूजल स्तर (Groundwater) तेजी से गिर रहा है और खेती के लिए पानी की किल्लत बढ़ रही है। भगवंत मान इस मुद्दे को पंजाब के किसानों के 'हक' के रूप में पेश कर रहे हैं। दूसरी ओर, राजस्थान में भाजपा की सरकार है, जिससे यह मुद्दा अब सीधे तौर पर केंद्र बनाम राज्य और 'आप' बनाम 'भाजपा' की राजनीतिक लड़ाई बन गया है।

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