बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली से साइबर अपराध का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर किसी के भी होश उड़ जाएं। यहाँ साइबर ठगों ने एक साधारण से दिखने वाले व्हाट्सएप मैसेज के जरिए एक व्यक्ति की मेहनत की कमाई पर डाका डाल दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि ठगों ने सरकार की सबसे लोकप्रिय ‘पीएम किसान’ योजना का नाम इस्तेमाल किया, ताकि आम आदमी आसानी से उनके झांसे में आ जाए।
दरअसल, यह पूरा मामला बरेली के बारादरी थाना क्षेत्र का है। यहाँ के आजाद नगर निवासी अशोक कुमार के साथ जो हुआ, वह आजकल के डिजिटल दौर में किसी के साथ भी हो सकता है। महज एक फाइल डाउनलोड करते ही अशोक कुमार के न सिर्फ एक, बल्कि तीन-तीन बैंक खाते पूरी तरह साफ हो गए। पुलिस अब इस मामले की गुत्थी सुलझाने में जुटी है, लेकिन यह घटना हम सभी के लिए एक बड़ी चेतावनी है।
कैसे शुरू हुआ ठगी का यह खेल?जानकारी के मुताबिक, 20 मार्च को अशोक कुमार के व्हाट्सएप पर एक अनजान नंबर से एक मैसेज आया। इस मैसेज के साथ एक ‘APK’ फाइल अटैच थी। ठगों ने बड़े ही शातिर तरीके से इसे सरकारी योजना यानी ‘पीएम किसान सम्मान निधि’ से जुड़ा बताया। अशोक कुमार को लगा कि शायद यह योजना की अगली किस्त या रजिस्ट्रेशन से जुड़ी कोई जरूरी फाइल होगी।
जैसे ही उन्होंने भरोसे में आकर उस फाइल को डाउनलोड किया, उनका मोबाइल फोन उनके नियंत्रण से बाहर हो गया। असल में वह कोई सरकारी फाइल नहीं, बल्कि एक खतरनाक मालवेयर (वायरस) था। बताया जा रहा है कि फाइल इंस्टॉल होते ही ठगों ने अशोक के फोन का पूरा एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद चंद मिनटों के भीतर ही उनके मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने के मैसेज आने शुरू हो गए।
एक APK फाइल और 3 बैंक खाते साफयह कोई साधारण ठगी नहीं, बल्कि एक सुनियोजित PM Kisan Cyber Fraud था। अशोक कुमार के पास अलग-अलग बैंकों में तीन खाते थे और ठगों ने बारी-बारी से तीनों को निशाना बनाया। देखते ही देखते बैंक ऑफ बड़ौदा से 56,000 रुपये, पंजाब नेशनल बैंक से 9,200 रुपये और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से 7,200 रुपये निकाल लिए गए।
कुल मिलाकर ठगों ने 72,400 रुपये पार कर दिए। पीड़ित अशोक कुमार जब तक कुछ समझ पाते और अपना फोन बंद करते या बैंक को सूचना देते, तब तक उनका काफी नुकसान हो चुका था। जब उनके मोबाइल पर लगातार ट्रांजैक्शन के मैसेज फ्लैश हुए, तब उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
क्या होता है APK अटैक और यह कितना खतरनाक है?साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि ‘APK फाइल’ के जरिए होने वाली ठगी आजकल बहुत बढ़ गई है। असल में जब आप किसी अनजान सोर्स से ऐसी फाइल डाउनलोड करते हैं, तो वह आपके फोन में छिपकर बैठ जाती है। यह मालवेयर आपके स्क्रीन को मिरर (Monitor) कर सकता है, आपके कीबोर्ड पर आप जो भी टाइप करते हैं (जैसे पासवर्ड या पिन) उसे पढ़ सकता है और सबसे खतरनाक बात यह है कि यह आपके फोन पर आने वाले ओटीपी (OTP) को भी सीधे ठगों तक पहुंचा देता है।
यही वजह है कि अशोक कुमार के मामले में ठगों को बैंक खाता खाली करने के लिए उनसे कुछ पूछने की जरूरत ही नहीं पड़ी। उन्होंने फोन को रिमोट एक्सेस पर लिया और खुद ही ट्रांजैक्शन पूरे कर लिए। साइबर सेल के अधिकारियों का कहना है कि ठग अब लोगों के भरोसे का फायदा उठाने के लिए पीएम किसान, बिजली बिल या फ्री रिचार्ज जैसी स्कीमों का नाम इस्तेमाल कर रहे हैं।
पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाईधोखाधड़ी का शिकार होने के बाद अशोक कुमार ने बिना देरी किए भारत सरकार के साइबर अपराध हेल्पलाइन पोर्टल (NCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही उन्होंने बारादरी थाने में भी मामले की एफआईआर दर्ज कराई है। स्थानीय पुलिस का कहना है कि मामला साइबर सेल को ट्रांसफर कर दिया गया है और उन बैंक खातों की डिटेल निकाली जा रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डिजिटल दुनिया में आपकी एक छोटी सी लापरवाही भारी पड़ सकती है। अगर आपके पास भी व्हाट्सएप या एसएमएस पर किसी सरकारी योजना के नाम पर कोई फाइल आए, तो उसे भूलकर भी न खोलें। सरकार कभी भी व्हाट्सएप के जरिए इस तरह की फाइलें नहीं भेजती है। सतर्क रहें, क्योंकि आपकी सावधानी ही आपकी जमापूंजी का सबसे बड़ा कवच है।