वाराणसी: मकान में खाना बनाते समय गैस सिलेंडर कर गया ब्लास्ट, धमाके से घर जमींदोज, भाई-बहन की मौत
TV9 Bharatvarsh March 24, 2026 03:44 PM

उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मंडुआडीह थाना क्षेत्र के लहरतारा में मंगलवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां सिलेंडर ब्लास्ट के कारण एक जर्जर मकान भरभराकर गिर पड़ा. इस हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि मां और एक अन्य भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और उनका इलाज बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है.

मृतकों की पहचान 27 वर्षीय प्रीति चौधरी और 30 वर्षीय ओमप्रकाश चौधरी के रूप में हुई है. वहीं 60 वर्षीय गिरिजा साहनी और उनका बेटा अमन साहनी गंभीर रूप से घायल हैं. दोनों का इलाज बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के ट्रॉमा सेंटर में जारी है, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है.

जर्जर मकान था

जानकारी के मुताबिक, गिरिजा साहनी अपने तीन बच्चों के साथ लहरतारा में प्राइवेट बस स्टैंड के पास एक पुराने और जर्जर मकान में रहती थीं. उनके पति आत्मा प्रसाद साहनी का पहले ही निधन हो चुका था, जिसके बाद परिवार बेहद आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रहा था. किसी तरह मेहनत-मजदूरी कर यह परिवार अपना गुजारा कर रहा था.

मंगलवार सुबह करीब आठ बजे गिरिजा साहनी अपने बच्चों के लिए नाश्ता बना रही थीं. इसी दौरान सिलेंडर के पाइप में लीकेज के कारण अचानक तेज धमाका हुआ. विस्फोट इतना जोरदार था कि पूरा मकान कुछ ही सेकंड में जमींदोज हो गया और परिवार के सभी सदस्य मलबे में दब गए. धमाके की आवाज से आसपास का इलाका दहल उठा और लोग तुरंत मौके पर पहुंचे.

मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया

स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला. सभी घायलों को तत्काल बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां इलाज के दौरान प्रीति और ओमप्रकाश ने दम तोड़ दिया. बाकी दो घायलों का इलाज जारी है.

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी. एडीसीपी नीतू कादयान ने बताया कि मकान काफी जर्जर स्थिति में था और परिवार के पास केवल एक ही सिलेंडर था, जिससे खाना बनाया जा रहा था. उन्होंने स्पष्ट किया कि सिलेंडर की जमाखोरी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है.

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि हादसा सिलेंडर के पाइप में गैस लीकेज के कारण हुआ. पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई जारी है. यह हादसा एक बार फिर पुराने और जर्जर मकानों में रहने के खतरों और गैस सिलेंडर के सुरक्षित उपयोग की जरूरत को उजागर करता है.

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