रोज की सिगरेट का खर्च अगर 10 साल तक SIP में लगाएं, तो कितना पैसा बनेगा? कैलकुलेशन देख आज ही छोड़ देंगे स्मोकिंग!
TV9 Bharatvarsh March 24, 2026 03:44 PM

हमारा ध्यान अक्सर अपने खर्चों की उन छोटी-छोटी आदतों पर नहीं जाता. इनमें से एक बड़ा नाम है सिगरेट. यह लत सिर्फ स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है, बल्कि व्यक्ति की वित्तीय स्थिति को भी दीमक की तरह चाट रही है. अगर सिगरेट पर खर्च होने वाली रकम को रोककर सही जगह निवेश कर दिया जाए, तो एक मजबूत आर्थिक दीवार तैयार की जा सकती है.

पिछले दो दशकों का आंकड़ा देखें तो सिगरेट की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है. साल 2005 में सिगरेट का जो पैकेट महज 59 रुपये में मिला करता था, आज 2026 में उसकी कीमत 480 रुपये तक जा पहुंची है. महंगाई की इस रफ्तार को देखें तो पिछले 21 वर्षों में इसके दामों में 713 फीसदी का उछाल आया है. 2010 में यह 96 रुपये, 2015 में 200 रुपये और 2020 में 300 रुपये का आंकड़ा पार कर गई. सिगरेट की महंगाई 185 फीसदी की दर से बढ़ते हुए 7 गुना से भी अधिक हो चुकी है.

हर महीने हजारों रुपये धुएं में उड़ रहे हैं

वर्तमान समय में अगर कोई व्यक्ति किसी प्रीमियम ब्रांड (जैसे मार्लबोरो रेड या आईटीसी गोल्ड फ्लेक किंग्स) की रोजाना 10 सिगरेट भी पीता है, तो उसका सीधा असर उसकी जेब पर पड़ता है. एक महीने में यह खर्च करीब 7000-8000 रुपये बैठता है. सालाना आधार पर यह रकम 80000-90000 रुपये हो जाती है. कई मामलों में यह एक औसत वेतनभोगी की कमाई का 35 प्रतिशत तक हिस्सा होता है, जो शाब्दिक अर्थों में धुएं में उड़ रहा है. भारत में करीब 13 करोड़ लोग धूम्रपान करते हैं, जो वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ा हिस्सा है.

सिगरेट छोड़ें, दौलत बनाएं

अब वित्तीय नजरिए से इस नुकसान का आकलन करते हैं. अगर कोई व्यक्ति सिगरेट की लत छोड़कर हर साल खर्च होने रुपये को ‘निफ्टी SIP’ में निवेश करना शुरू कर दे, तो तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है. शेयर बाजार के औसत 12 फीसदी सालाना रिटर्न को ही आधार मान लिया जाए, तो अगले 10 साल और उससे आगे निरंतर निवेश जारी रखने पर, कम्पाउंडिंग की ताकत से इस फंड की वैल्यू 15 से 20 लाख रुपये तक पहुंच सकती है. वहीं अगर 15 साल का आंकडा देखें तो ये 35 से 40 लाख हो जाएगा. 20 साल में 60 से 70 लाख रुपये बन सकते हैं. यानी एक छोटी सी लत को निवेश में बदलकर एक बड़ी पूंजी खड़ी की जा सकती है.

इनडायरेक्ट भी बचेगा पैसा

सिगरेट पीने से कैंसर, दमा, और सांस लेने में तकलीफ जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा हमेशा बना रहता है. इस लत के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं के लिए अगर हर महीने 500 रुपये का एक बहुत ही मामूली मेडिकल खर्च भी जोड़ लिया जाए, तो साल भर में यह 6,000 रुपये हो जाता है. अगर कोई व्यक्ति 40 साल तक इस लत का शिकार रहता है, तो वह केवल साधारण डॉक्टर के बिलों पर ही 2,40,000 रुपये खर्च कर चुका होता है. गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च तो इसके अतिरिक्त है.

जीवन को बेहतर और सुरक्षित बनाने के लिए पैसे का सही प्रबंधन अनिवार्य है. जिस रकम को धुएं में उड़ाकर बीमारियां मोल ली जा रही हैं, उसी पैसे से एक सुंदर आशियाना, एक बेहतरीन कार या भविष्य के लिए एक मजबूत बैंक एफडी तैयार की जा सकती है. यह फैसला व्यक्ति को करना है कि उसे अपनी मेहनत की कमाई से धुआं खरीदना है या एक सुरक्षित कल.

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