Chhattisgarh Naxal : बस्तर में लाल आतंक का अंतिम अध्याय 25 लाख के इनामी कमांडर पापा राव का सरेंडर
Newsindialive Hindi March 24, 2026 07:43 PM

News India Live, Digital Desk : छत्तीसगढ़ के बस्तर में तीन दशकों से आतंक का पर्याय बना माओवादी कमांडर पापा राव (Paparao) आखिरकार मुख्यधारा में शामिल होने को तैयार हो गया है। मंगलवार, 24 मार्च 2026 को पापा राव ने अपने 21 साथियों और भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियारों (6 AK-47 सहित) के साथ जगदलपुर में सरेंडर करने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा देश को 'नक्सल मुक्त' बनाने के लिए तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन से ठीक सात दिन पहले हुए इस आत्मसमर्पण को छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर में सशस्त्र विद्रोह के ताबूत में 'आखिरी कील' करार दिया है।1. कौन है पापा राव? (76 जवानों की शहादत का मास्टरमाइंड)पापा राव उर्फ मंगू दादा उर्फ चंद्रन्ना, माओवादियों की सबसे शक्तिशाली इकाई दंडाकरण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZC) का सदस्य और वेस्ट बस्तर डिवीजन का प्रभारी है।ताड़मेटला हमला: वह 2010 के उस खौफनाक ताड़मेटला हमले का मुख्य रणनीतिकार था, जिसमें 76 जवान शहीद हुए थे।इनाम और रसूख: उस पर छत्तीसगढ़ सरकार ने ₹25 लाख का इनाम घोषित कर रखा था। वह हिडमा के बाद बस्तर का सबसे प्रभावशाली माओवादी चेहरा माना जाता था।2. "अब छत्तीसगढ़ में कोई बड़ा नाम नहीं बचा": डिप्टी सीएमछत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने इस घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए इसे ऐतिहासिक क्षण बताया।सीधी बातचीत: गृह मंत्री ने बताया कि उन्होंने स्वयं पापा राव से बात की है। पापा राव ने स्वीकार किया कि माओवादी विचारधारा अब दिशाहीन हो चुकी है और वे पुनर्वास नीति (Rehabilitation Policy) का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन जीना चाहते हैं।बस्तर होगा मुक्त: सरकार का दावा है कि पापा राव के सरेंडर के बाद अब बस्तर में कोई भी 'पॉलि ब्यूरो' या 'जोनल कमेटी' स्तर का बड़ा नेता सक्रिय नहीं रह गया है।3. ऑपरेशन 'अंतिम प्रहार' का असरपिछले तीन महीनों से सुरक्षाबलों (DRG, STF और BSF) ने इंद्रावती नेशनल पार्क और अबूझमाड़ के जंगलों में घेराबंदी कर रखी थी।टूटता नेटवर्क: हाल ही में पापा राव के करीबी कमांडर दिलीप बेडजा के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पापा राव पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया था।पत्रकार की मध्यस्थता: बताया जा रहा है कि एक स्थानीय पत्रकार की मध्यस्थता से पिछले एक हफ्ते से सरेंडर की बातचीत चल रही थी।4. 2026: माओवाद के खात्मे का सालसाल 2026 छत्तीसगढ़ के लिए निर्णायक साबित हो रहा है।आंकड़े: इस साल अब तक 250 से अधिक नक्सली मारे जा चुके हैं और 1500 से अधिक ने सरेंडर किया है।डेडलाइन: केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है कि 31 मार्च 2026 तक 'हथियारबंद नक्सलवाद' को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए और विकास कार्यों को अंतिम छोर तक पहुँचाया जाए।5. क्या होगा पुनर्वास?पापा राव और उसके साथियों को सरकार की नीति के तहत तत्काल आर्थिक सहायता, घर बनाने के लिए जमीन और उनके ऊपर दर्ज मुकदमों में कानूनी राहत दी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां अब पापा राव से पूछताछ कर माओवादियों के 'अर्बन नेटवर्क' और छिपे हुए हथियारों के जखीरे के बारे में जानकारी जुटाएंगी।

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