राज्यसभा में पीएम मोदी का बड़ा बयान: युद्ध से गहराया ऊर्जा संकट, भारत के लिए 'बड़ी परीक्षा'
Webdunia Hindi March 24, 2026 07:43 PM

PM Modi RajyaSabha Speech : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि युद्ध से दुनिया में ऊर्जा संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि इसका भारत पर कम असर हो। उन्होंने कहा कि युद्ध का असर लंबे समय तक रहेगा। ये संकट देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। ALSO READ: राहुल गांधी का बड़ा हमला, विदेश नीति पीएम मोदी की निजी पॉलिसी बनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे इस युद्ध को तीन सप्ताह से अधिक का समय हो चुका है। इस युद्ध ने पूरे विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। भारत के लिए भी ये स्थिति चिंताजनक है। इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं। इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर्स जैसे जरूरी सामान की सप्लाई प्रभावित हो रही है। गल्फ के देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं, वहां काम करते हैं। उनके जीवन और आजीविका की सुरक्षा भी भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता है।

उन्होंने कहा कि हॉर्मुज स्ट्रेट में दुनिया के अनेक जहाज फंसे हैं। उनमें बहुत बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर्स हैं। ये भी भारत के लिए बड़ी चिंता का विषय है। ऐसी विकट परिस्थिति में आवश्यक है कि भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए। ALSO READ: ईरान-अमेरिका युद्ध पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के क्या मायने, कोविड से क्यों की तुलना

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध की शुरुआत के बाद से मैंने पश्चिम एशिया के ज्यादातर देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ दो राउंड फोन पर बात की है। हम गल्फ के सभी देशों के साथ लगातार बातें कर रहे हैं। हम ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी संपर्क में हैं। हमारा लक्ष्य, डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कमर्शियल जहाजों पर हमला और हॉर्मुज स्ट्रेट जैसे अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत ने नागरिकों पर, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर पर, एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है।

उन्होंने कहा कि भारत का प्रयास है कि तेल हो, गैस हो, फर्टिलाइजर्स हो... ऐसे हर जरूरी सामान से जुड़े जहाज भारत तक सुरक्षित पहुंचे। कोई भी संकट हो, हमारे हौसलों और प्रयास दोनों की परीक्षा लेता है। देश ऐसे संकटों का बेहतर तरीके से सामना कर सके, इसके लिए बीते 11 वर्षों में निरंतर निर्णय लिए गए हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि हमें एक और चुनौती पर भी ज्यादा ध्यान देना होगा। ऐसे समय में कालाबजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले बहुत एक्टिव हो जाते हैं। जहां से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, वहां त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वर्तमान संकट ने पूरी दुनिया की इकोनॉमी को हिला दिया है। अभी तक पश्चिम एशिया में जो नुकसान हुआ है उसे रिकवर होने भी दुनिया को बहुत समय लगेगा। भारत पर इसका कम से कम दुष्प्रभाव हो... इसके लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। हमारे इकोनॉमी का फंडामेंटल बहुत मजबूत है।

edited by : Nrapendra Gupta

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