हजारीबाग में मंगला जुलूस पर भारी बवाल रूट को लेकर पुलिस और ग्रामीणों में खूनी झड़प,जमकर पथराव कई जवान घायल
Newsindialive Hindi March 25, 2026 07:44 PM

News India Live, Digital Desk: रामनवमी के पावन पर्व से ठीक पहले झारखंड का हजारीबाग जिला एक बार फिर सुलग उठा है। मंगलवार को बरकट्ठा और गोरहर थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित लेबड़ा जमुआ में मंगला जुलूस के दौरान जबरदस्त हिंसा भड़क गई। विवाद जुलूस के रूट (मार्ग) को लेकर शुरू हुआ, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में तब्दील हो गया। उग्र भीड़ ने पुलिस टीम पर अंधाधुंध पथराव कर दिया, जिसमें आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। फिलहाल पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।लाइसेंस के बिना 'जबरन' जुलूस निकालने पर छिड़ा विवाद प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब तुईओ गांव से निकला मंगला जुलूस तय रूट से हटकर दूसरे मार्ग से ले जाने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि जिस रास्ते से ग्रामीण जुलूस ले जाना चाहते थे, उसका आधिकारिक लाइसेंस उनके पास नहीं था। जब पुलिस और मजिस्ट्रेट ने जुलूस को रोकने की कोशिश की और उन्हें तय मार्ग पर लौटने को कहा, तो भीड़ उग्र हो गई। पुलिस के साथ धक्का-मुक्की शुरू हुई और देखते ही देखते पत्थर चलने लगे।एसडीएम और एसडीपीओ पर हमला, पुलिस ने किया लाठीचार्ज हंगामे की सूचना मिलते ही एसडीएम जोहन टुड्डू और एसडीपीओ अजीत कुमार विमल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस को हल्का बल प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा। इससे नाराज ग्रामीणों ने पुलिस पर भारी पथराव शुरू कर दिया। हमले में घायल पुलिसकर्मियों को आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से कई मोटरसाइकिलें भी जब्त की हैं और दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है।सांप्रदायिक नहीं, प्रशासन बनाम ग्रामीण है मामला एसडीएम जोहन टुड्डू ने स्पष्ट किया है कि यह घटना दो समुदायों के बीच की नहीं, बल्कि जुलूस मार्ग के उल्लंघन को लेकर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प है। उन्होंने लोगों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। हालांकि, जिले के अन्य हिस्सों में पिछले दिनों हुई घटनाओं को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। हजारीबाग के सदर विधायक ने इस घटना को लेकर जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं, जिससे मामला अब राजनीतिक रूप भी ले रहा है।इलाके में भारी पुलिस बल तैनात, FIR की तैयारी घटना के बाद लेबड़ा जमुआ और आसपास के गांवों में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियोग्राफी और स्थानीय इनपुट का सहारा ले रही है। एसडीपीओ ने साफ कर दिया है कि कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जा रही है। रामनवमी की मुख्य शोभायात्रा को देखते हुए हजारीबाग पुलिस मुख्यालय ने संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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