पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लाइन और पैनिक बाइंग देखी गई, लेकिन पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सभी पंपों और सप्लाई टर्मिनलों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की पर्याप्त उपलब्धता है और रिफाइनरियां अपनी उच्चतम क्षमता पर काम कर रही हैं। देश में सालाना लगभग 26 करोड़ टन कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता मौजूद है। PNG और CNG की आपूर्ति सामान्य है। सरकार PNG विस्तार पर जोर दे रही है और कई कदम उठाए गए हैं। लगभग 2.2 लाख उपभोक्ता LPG से PNG में शिफ्ट हो चुके हैं और करीब 2.5 लाख नए आवेदन प्राप्त हुए हैं।
सुजाता शर्मा ने कहा कि LPG के मामले में किसी भी डिस्ट्रीब्यूटर पर ड्राई-आउट नहीं है। ऑनलाइन बुकिंग लगभग 92% तक पहुंच गई है। सरकार ने कमर्शियल LPG का आवंटन 20% से बढ़ाकर 50% किया है, ताकि ढाबा, होटल, कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता मिल सके।
उन्होंने कहा कि अब तक 26 राज्यों ने करीब 22,000 टन कमर्शियल LPG आवंटित किया है। इसके तहत 5 किलो के सिलेंडर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कार्रवाई जारी है। हाल ही में 2700 से ज्यादा छापे और करीब 2000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति और श्रीलंका के राष्ट्रपति से बातचीत की। भारत ने तनाव कम करने, शांति बहाली और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सुरक्षित व खुला रखने पर जोर दिया। दोनों वार्ताओं में समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय शांति व ऊर्जा सुरक्षा पर समन्वय पर बल दिया गया, जिसमें भारत-श्रीलंका सहयोग भी शामिल है।
उन्होंने कहा कि भारत ईरान सहित क्षेत्रीय साझेदारों के संपर्क में है और अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित कर रहा है। आर्मेनिया और अज़रबैजान मार्गों के जरिए निकासी अभियान जारी है।
20 जहाजों में 540 भारतीय नाविकपत्तन,पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव राजेश सिन्हा ने कहा, पिछले 24 घंटों में किसी भी भारतीय जहाज या नाविक से संबंधित कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है। 20 भारतीय जहाज वर्तमान में पर्शियन गल्फ क्षेत्र में संचालित हो रहे हैं। इन जहाजों पर 540 भारतीय नाविक मौजूद हैं और सभी सुरक्षित हैं। संबंधित एजेंसियां और शिपिंग अधिकारी लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
edited by : Nrapendra Gupta