आज के समय में YouTube, Instagram और बाकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कई लोगों के लिए कमाई का बड़ा जरिया बन गए हैं. लोग अब स्पॉन्सर्ड पोस्ट, एफिलिएट मार्केटिंग, फैन सपोर्ट और दूसरे डिजिटल तरीकों से पैसा कमा रहे हैं. लेकिन ध्यान रखें, यह कमाई टैक्स-फ्री नहीं होती. भारत में इस तरह की इनकम ITR भरते समय बतानी जरूरी है और इस पर टैक्स भी लगता है.
किन-किन तरीकों से होती है कमाई?कंटेंट क्रिएटर्स कई तरह से पैसे कमाते हैं, जैसे.
अगर आप रेगुलर कंटेंट बनाकर कमाई कर रहे हैं, तो इसे बिजनेस या प्रोफेशन की इनकम माना जाता है. यानी आपकी कुल कमाई पर आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा. अगर यह सिर्फ कभी-कभार की कमाई है, तो कुछ मामलों में इसे अन्य स्रोत की आय भी माना जा सकता है.
फ्री गिफ्ट भी टैक्सेबल हैंइन्फ्लुएंसर्स को कई बार ब्रांड्स से फोन, कपड़े या कॉस्मेटिक्स जैसे गिफ्ट मिलते हैं. अगर आप उन्हें अपने पास रख लेते हैं, तो उनकी कीमत भी आपकी इनकम मानी जा सकती है. अगर ऐसे गिफ्ट्स की कीमत 20,000 रुपये से ज्यादा है, तो कंपनी 10% TDS भी काट सकती है.
GST भी लग सकता हैअगर आपकी सालाना कमाई 20 लाख रुपये से ज्यादा हो जाती है, तो आपको GST रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा. इसके बाद ब्रांड डील और प्रमोशन पर करीब 18% GST लगाना होगा.
ITR कैसे भरें?सोशल मीडिया से कमाई जितनी आसान लगती है, टैक्स के नियम उतने ही जरूरी हैं. सही तरीके से ITR भरना और नियमों का पालन करना आपको भविष्य की परेशानी से बचा सकता है.