ईरान के खिलाफ चल रही इजरायल-अमेरिका की जंग में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर ट्रंप के दूत विटकॉफ ने मुहर लगा दी है. विटकॉफ ने कंफर्म करते हुए कहा है कि पाकिस्तान यूएस और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. पाकिस्तान के जरिए ही अमेरिका की तरफ से ईरान से बातचीत की जा रही है.
विटकॉफ ने ट्रंप को बताया- हमनें 15 सूत्रीय लिस्ट पेश की है
विटकॉफ ने व्हाइट हाउस में कैबिनेट की बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कहा, 'मैं आज आपको बता सकता हूं कि हमने आपकी विदेश नीति टीम के साथ मिलकर 15-सूत्रीय लिस्ट पेश की है. यह शांति समझौते का आधार बनाई गई है. इसे मध्यस्थ की भूमिका निभा रही पाकिस्तान की सरकार के जरिए आगे बढ़ाया गया है. इधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने पुष्टी की कि उनका देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. साथ ही सोशल मीडिया पर लिखा कि 15 सूत्रीय योजना पर ईरान विचार विमर्श कर रहा है.
अबतक बातचीत सकारात्मक दिशा में: विटकॉफ
इधर, विटकॉफ ने कहा है कि अब तक मजबूत और सकारात्मक बातचीत हुई है. साथ ही संदेश भी सही से पहुंचाए गए हैं. हालांकि, उन्होंने इस मामले में और अधिक जानकारी देने से मना कर दिया है. इससे पहले सीएनएन ने रिपोर्ट में बताया था कि यह योजना तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और उसके बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम जैसे मुद्दों को संबोधित करती है. असल में यह बयान ऐसे समय आया है कि जब अमेरिका उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और दो अन्य सीनियर अमेरिकी अधिकारी इस हफ्ते के आखिर में एक बैठक आयोजित करने पर काम कर रहे हैं. ताकि ईरान में युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की जा सके.
मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से युद्ध जारी है. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई की थी. इसमें तब के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई थी, जिसके बाद से हालात और भी बिगड़ते चले गए.
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