सीजफायर खत्म, जंग शुरू! अफगानिस्तान ने आर्टिलरी से उड़ाई पाकिस्तानी पोस्ट, धू-धू कर मलबे में तब्दील
शिवांक मिश्रा March 27, 2026 06:12 PM

ईद के मौके पर 23-24 मार्च की आधी रात तक अफगानिस्तान पाकिस्तान के बीच घोषित सीजफायर खत्म होने के बाद अफगान सेना ने पाकिस्तानी सेना के ठिकानों पर हमले करने शुरू कर दिए हैं. जानकारी के मुताबिक, अफगान सेना ने पहला हमला आज गुरुवार (26 मार्च, 2026) की शाम कुनार-बाजौर सीमा पर स्थित पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने पर आर्टिलरी से हमला करके किया है.

एबीपी न्यूज के हाथ लगी तस्वीरों में दिख रहा है कि अफगानिस्तान की सेना के बाजौर सीमा पर स्थित पाकिस्तानी सैन्य पोस्ट पर आर्टिलरी से हमले के बाद पूरी पोस्ट धू-धू करके धधकने लगती है और मलबे में तब्दील हो जाती है.

पाकिस्तानी सेना ने तस्वीर-वीडियो जारी कर किया दावा

पाकिस्तानी सेना ने कल बुधवार (25 मार्च, 2026) को वीडियो और तस्वीरें जारी करके दावा किया था कि 22 फरवरी से अफगानिस्तान के चल रहे युद्ध में पाकिस्तानी सेना ने बलूचिस्तान सीमा से लेकर खैबर पख्तूनख्वाह की सीमा तक अफगानिस्तान के कुल 32 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्रफल इलाके पर कब्जा कर लिया है और कटीले तारों से बाड़बंदी कर दी है. पाकिस्तानी सेना ने तस्वीरों में जोब सेक्टर की ड्रोन वीडियो जारी करके दावा किया है कि उसने अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत की काफी जमीन, जो पक्तिका-बलूचिस्तान सीमा पर पाकिस्तान के जोब सेक्टर के पास है, पर कब्जा करके अपनी सेना की नई पोस्ट बना रखी है.

क्वेटा में पाकिस्तानी अफसरों को दी जा रही जमीन कब्जाने की ट्रेनिंग

बलूचिस्तान के क्वेटा में पाकिस्तानी सेना का कमांड एंड स्टाफ कॉलेज है, जहा पर खासतौर पर मेजर और कर्नल रैंक के अफसरों को युद्ध के दौरान दुश्मन देश की जमीन कब्जा करने की ट्रेनिंग दी जाती है, ताकि अगर दुश्मन देश हमले जारी रखता है और शांति प्रस्ताव को नहीं मानता है तो उस पर सीजफायर का दबाव बनाया जाए. साथ ही ये ट्रेनिंग ज्यादातर उन अफसरों को दी जाती है जो पाकिस्तान की 12 कोर में जिम्मेदारी निभा रहे हो.

PAK ने अफगानिस्तान की 32 स्क्वायर किमी में जमीन पर किया कब्जा

इस समय अफगानिस्तान के साथ युद्ध में बलूचिस्तान सीमा पर जंग पाकिस्तानी सेना की 12 कोर की 33वीं इंफैंट्री डिवीजन और 41 इंफैंट्री डिवीजन की टुकड़ियां ही लड़ रही हैं और पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान की जिस 32 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्रफल जमीन पर कब्जा किया है, उसमें से 24 स्क्वायर किलोमीटर क्षेत्रफल अफगानिस्तान-बलूचिस्तान बॉर्डर का है, जिस पर कब्जे को पाकिस्तानी सेना की 12 कोर की ही दोनों इंफैंट्री डिवजनों ने अंजाम दिया है.

ऐसे में इस बात की पुख्ता संभावना है कि अफगानिस्तान की जमीन पर कब्जा पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के साथ सीजफायर का दबाव बनाने के लिए किया हो, क्योंकि पिछले एक महीने से पाकिस्तान कभी अफगानिस्तान के मासूम लोगों के घरों, अस्पतालों पर एयरस्ट्राइक करके, तो कभी कतर, सऊदी अरब, तुर्की से मदद मांग कर अफगानिस्तान से सीजफायर की मिन्नत मांग चुका है, जिसे अफगानिस्तान मानने को तैयार नहीं है.

PAK-अफगानिस्तान की जंग में आगे क्या हो सकता है?

जिस तरह से आज अफगानिस्तान ने फिर से पाकिस्तान के सैन्य ठिकाने पर हमले शुरू कर दिए हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अफगानिस्तान की सेना खैबर पख्तूनख्वाह बॉर्डर पर सीमा पार करके पाकिस्तान के इलाकों पर कब्जा कर सकती है, जैसे कि उसने साल 1960-61 में पश्तुनिस्तान के मुद्दे पर किया था.

उस समय मोहम्मद दाऊद खान अफगानिस्तान के शासक थे और पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वाह इलाके में पाकिस्तान से अलग होकर अफगानिस्तान में मिलने या फिर अलग देश पश्तुनिस्तान की मांग चल रही है. उस समय अफगानिस्तान की सेना ने पाकिस्तान के अंदर घुसकर 5 सेक्टर बाजौर एजेंसी, नवागाई, सालर्जई, मामुंद और लोई साम के कुल 17 स्क्वायर किलोमीटर पर कब्जा कर लिया था.

यह भी पढ़ेंः बेंगलुरु में फिर गूंजेगा क्रिकेट: हादसे की याद में 11 कुर्सियां रहेंगी खाली, कड़े इंतजामों के बीच होगा RCB का मैच

© Copyright @2026 LIDEA. All Rights Reserved.