पंजाब नेशनल बैंक (PNB) घोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. नीरव मोदी को अब दोहरी मार का सामना करना पड़ा है. एक तरफ जहां लंदन हाई कोर्ट ने भारत प्रत्यर्पण के खिलाफ उसकी आखिरी कानूनी उम्मीद को भी झटका दे दिया है, वहीं दूसरी ओर उसकी पूर्व अमेरिकी कंपनी 'फायरस्टार डायमंड' (Firestar Diamond) की बेशकीमती संपत्तियों की नीलामी का रास्ता साफ हो गया है.
इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC), 2016 के तहत लिक्विडेशन प्रक्रिया के हिस्से के रूप में आगामी 27 अप्रैल को इन संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी की जाएगी. लिक्विडेटर की तरफ से जारी नोटिस के अनुसार, इस नीलामी में लुस डायमंड और सोने, चांदी व प्लेटिनम से बने ऐसे आभूषण शामिल हैं, जिनमें नेचुरल और लैब-ग्रोन दोनों तरह के पत्थर जड़े हुए हैं. बता दें कि यह स्टॉक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से जांच के दौरान जब्त किया गया था, जिसे अब पैसा वसूलने के लिए रिलीज कर दिया गया है.
सूरत में सुरक्षित रखे गए आभूषण
सूरत में सुरक्षित रखे गए इन सभी आभूषणों को जेमोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (GII) की तरफ से प्रमाणित किया गया है. नीलामी की मुख्य चीजों में नेचुरल हीरों से जड़ी सोने की अंगूठियों के तीन बड़े पार्सल (वजन: 144.52 कैरेट, 125.16 कैरेट और 206.57 कैरेट). कुल 229.15 कैरेट वजन के 473 प्राकृतिक ढीले हीरे, प्लेटिनम के गहने, सोने की चेन के सेट और सफेद पत्थरों वाली चांदी-सोने की मिक्स ज्वेलरी शामिल है.
इच्छुक खरीदार के लिए लागू नियम
इच्छुक खरीदार 18 अप्रैल तक संपत्तियों का निरीक्षण कर सकते हैं, जबकि जरूरी दस्तावेजों और 'अर्नेस्ट मनी डिपॉजिट' (EMD) जमा करने की अंतिम तारीख 25 अप्रैल तय की गई है. ईएमडी की राशि संपत्तियों की कीमत के आधार पर 3.9 लाख रुपये से लेकर 17.85 लाख रुपये तक रखी गई है. नीलामी के दौरान हर बोली में कम से कम 5,000 रुपये की बढ़ोतरी करना अनिवार्य होगा. हालांकि, बेस प्राइस (Reserve Price) का खुलासा नीलामी वाले दिन ही किया जाएगा.
नीरव मोदी को कानूनी मोर्चे पर बड़ी हार
नीलामी की इस खबर के बीच, नीरव मोदी को कानूनी मोर्चे पर भी बड़ी हार मिली है. 25 मार्च को लंदन के 'हाई कोर्ट ऑफ जस्टिस' ने प्रत्यर्पण की कार्यवाही को फिर से खोलने की उसकी याचिका को सिरे से खारिज कर दिया. मोदी ने भारत में पूछताछ के दौरान टॉर्चर (यातना) का जोखिम होने का तर्क दिया था, जिसे अदालत ने "असाधारण परिस्थितियों" की कमी बताते हुए अमान्य करार दिया. इस फैसले के बाद अब नीरव मोदी को भारत लाकर 14,000 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में ट्रायल का सामना कराने की संभावनाएं और मजबूत हो गई हैं.
नीरव मोदी की कौन सी चीज हुई नीलाम
2018 में फायरस्टार डायमंड द्वारा बैंक करप्सी (Chapter 11) फाइल करने के बाद से ही एजेंसियां फंड रिकवरी में जुटी हैं. यह 2023 के बाद नीलामी का लगभग चौथा बड़ा दौर है. इससे पहले की नीलामियों में नीरव मोदी परिवार की रोलेक्स घड़ियां, रोल्स-रॉयस घोस्ट और पोर्श पनामेरा जैसी लग्जरी कारें बेची जा चुकी हैं. अधिकारियों का मानना है कि इस बार ईएमडी की दरों को देखते हुए भारी निवेश और प्रतिस्पर्धा की उम्मीद है, जिससे बैंक के बकाये की वसूली में मदद मिलेगी.