30 साल बाद कर्मफल दाता शनि ने बदली अपनी चाल, 2026 में इन राशियों की होगी चांदी ही चांदी, अचानक मिलेगी नौकरी और धन'
Newshimachali Hindi March 29, 2026 07:42 AM

 

Shani Gochar 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को नवग्रह में सबसे पावरफुल ग्रह माना जाता है, जो एक राशि में लंबे समय तक रहने के साथ-साथ जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देते हैं।

ऐसे में शनि की स्थिति में बदलाव का असर देश-दुनिया में काफी लंबे समय तक नजर आता है। बता दें कि शनि इस समय गुरु की राशि मीन में विराजमान है और वह 2026 में इसी राशि में मार्गी हो गए हैें। शनि के मार्गी होते ही वह अपना फल देना शुरू कर दिया था। ऐसे में जातकों को उनके कर्मों के हिसाब से फल देता है। इसके साथ ही शनि के अंश बल में भी समय-समय में परिवर्तन हो रहा है। ऐसे ही शनि ने 5 feb को पुन: अपनी स्थिति में बदलाव किया है। दरअसल, शनि का अंश बल 0 से आरंभ हो गया है, जो फरवरी में 6 तक जाएगा। इस दौरान शनि बाल्यावस्था में होंगे, जिसके कारण अपना फल दे पाने में असफल होंगे। ऐसे में इस अवधि में कई जातकों के लिए बड़ी राहत लेकर आ सकता है। इस अवधि में 12 राशियों पर विभिन्न प्रकार के प्रभाव दिखेंगे, लेकिन तीन राशियों के जातकों को विशेष रूप से अधिक लाभ मिलने की संभावना है। यह विश्लेषण चंद्र राशि के आधार पर किया जा रहा है। आइए जानते हैं उन भाग्यशाली राशियों के बारे में…

ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की शक्ति 0° से 30° के बीच मानी जाती है। शनि ग्रह जब 0° पर होता है, तो वह मृत अवस्था में माना जाता है और कोई प्रभाव नहीं देता। 0° से 6° तक की स्थिति को बाल्यावस्था कहा जाता है, जिसमें शनि ग्रह कमजोर रहता है और पूरा फल नहीं दे पाता। 5 दिसंबर को शनि 0° पर होंगे और 20 फरवरी तक उनका अंश बल बढ़कर 6° तक पहुंच जाएगा। इस दौरान शनि बाल्यावस्था में रहेंगे, इसलिए उनके द्वारा दिए जाने वाले कष्ट काफी कम हो जाएंगे या रुक जाएंगे। लेकिन ध्यान रखें इस समय ऐसे काम न करें जो शनिदेव को पसंद नहीं हैं। क्योंकि 20 फरवरी के बाद जब शनि फिर से मजबूत होकर फल देने की स्थिति में आएंगे, तब वे आपके कर्मों के आधार पर ही न्याय करेंगे।

वृषभ राशि (Taurus Zodiac)

वृषभ राशि के जातकों के लिए अगले 69 दिन काफी अच्छे जाने वाले हैं। आपकी कुंडली में शनि इच्छा पूर्ति, लाभ और धन के भाव में संचरण कर रहे हैं। इसके साथ ही शनि की तीसरी दृष्टि लग्न पर, सप्तम दृष्टि पंचम भाव पर और दशम दृष्टि अष्टम भाव पर पड़ रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए शनि काफी योगकारक हो सकते हैं। इस राशि के जातकों को उनके द्वारा की जा रही मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। जीवन में आ रही समस्याएं, रुकावटें, बाधाएं धीरे-धीरे दूर हो सकती है। नौकरीपेशा जातकों के लिए ये अवधि अच्छी जा सकती है। प्रमोशन, इंक्रीमेंट, एरियर मिल सकता है। इसके अलावा बड़ी कंपनी में नौकरी करने का सपना पूरा हो सकता है।

शनि 11वें भाव से एक से अधिक आय स्रोत दे सकते हैं। ऐसे में आप विभिन्न क्षेत्रों से धन कमाने में सफल हो सकते हैं। व्यापारियों के लिए भी ये अवधि लाभकारी हो सकती। बिजनेस में खूब लाभ मिल सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। रियल एस्टेट, प्रॉपर्टी, ऑटोमोबाइल, ट्रांसपोर्ट, टूरिज्म, धातु, खनिज, केमिकल आदि क्षेत्रों में व्यापार करने से जातकों को खूब लाभ मिल सकता है।

उपाय- शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार के दिन काले वस्त्र, काली उड़द, सरसों का तेल आदि का दान करें। इसके अलावा शनिदेव के सामने और पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।

कन्या राशि (Virgo Zodiac)

कर्मफल दाता शनि आपकी कुंडली में पंचम और षष्ठ भाव के स्वामी होकर सप्तम भाव में संचरण कर रहे हैं। ऐसे में शनि का अंश बल कम होने से इस राशि के जातकों को भी विशेष लाभ मिल सकता है। सप्तम भाव में विराजमान शनि की तीसरी दृष्टि नवम भाव पर, सातवीं दृष्टि लग्न पर और दसवीं दृष्टि चतुर्थ भाव पर पड़ रही थी। ऐसे में भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में चली आ रही परेशानी धीरे-धीरे समाप्त हो सकती है। आपके काम की प्रशंसा रहोगी। ऐसे में आपको प्रमोशन या फिर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। सप्तम भाव के सक्रिय होने से इस राशि के जातकों का वैवाहिक जीवन अच्छा जाने वाला है। लंबे समय से चली आ रही अनबन समाप्त हो सकती है। इसके अलावा अविवाहितों को शादी का प्रस्ताव मिल सकते हैं। पार्टनरशिप बिजनेस में भी लाभ के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। चतुर्थ भाव पर शनि की दृष्टि होने के कारण नई प्रॉपर्टी खरीदने के योग बन रहे हैं। इसके अलावा माता का स्वास्थ्य अच्छा होने वाला है। घर-परिवार का माहौल अच्छा रहेगा। राजनीति से जुड़े जातकों को जनता का समर्थन मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को काफी लाभ मिल सकता है।

सिंह राशि (Lep Zodiac)

सिंह राशि के जातकों की कुंडली में शनि का गोचर अष्टम भाव में हो हुआ है। इस राशि के छठे और सातवें भाव के स्वामी है। ऐसे में शनि अष्टम भाव में विराजमान रहकर उनकी दृष्टि दूसरे और पंचम भाव पर पड़ रही है। आमतौर पर शनि का अष्टम भाव में आना अच्छा नहीं माना जाता है। लेकिन इस राशि में शनि जून 2027 तक विपरीत राजयोग का निर्माण कर रहे हैं। ऐसे में इस राशि के जातकों को कठिन परिस्थितियों के बाद अपार सफलता हासिल हो सकती है। कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी और आय में बढ़ोतरी के योग बन रहे हैं। इस राशि में शनि की ढैया भी चल रही है। शनि के बाल्यावस्था में होने से इस राशि के जातकों का स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आपके द्वारा की जा रही किसी काम में परिश्रम सफल हो सकता है। व्यवसाय में भी सुधार होगा। शनि के विपरीत राजयोग बनाने से कई क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। शनि की दृष्टि पंचम भाव पर होने से जुआ, सट्टा, लॉटरी तथा शेयर बाजार जैसे क्षेत्रों में लाभ मिल सकता है। छात्रों के लिए भी ये अवधि बेहतर होगी। शनि के कारण आय में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है।

नए साल में कर्मफल दाता शनि मीन राशि में मार्गी अवस्था में रहेंगे। ऐसे में कुछ राशि के जातकों पर शनि की अशुभ दृष्टि पड़ सकती है। ऐसे में इन 5 राशि के जातकों को सेहत, व्यापार से लेकर आर्थिक स्थिति के क्षेत्र में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। आइए जानते हैं शनि की घातक दृष्टि किन राशियों की बढ़ा सकती है.

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