हिमाचल प्रदेश: भाजपा विधायकों ने विधानसभा परिसर में 'प्रवेश शुल्क' के विरोध में प्रदर्शन किया
Samachar Nama Hindi April 01, 2026 02:42 AM

शिमला, 31 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों ने मंगलवार को विधानसभा परिसर में कांग्रेस सरकार द्वारा प्रवेश शुल्क बढ़ाने और पेट्रोल एवं डीजल पर उपकर लगाने के फैसले के खिलाफ प्रदर्शन किया।

पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा विधायकों ने सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया।

पूर्व मुख्यमंत्री ठाकुर ने कहा कि जहां केंद्र सरकार ने मध्य पूर्व की स्थिति को ध्यान में रखते हुए पेट्रोल और डीजल पर वैट में 10 रुपए की कमी करके नागरिकों को राहत दी है, वहीं ठाकुर सरकार ऐसे फैसले लेती रही है जो न केवल जनता की कमर तोड़ रहे हैं, बल्कि उनका असर अब पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों तक भी पहुंच गया है, जहां लोग और ट्रांसपोर्टर गैर-राज्य वाहनों पर प्रवेश शुल्क में वृद्धि के विरोध में सड़कों पर उतर आए हैं।

विपक्ष ने विशिष्ट आंकड़े पेश करते हुए स्पष्ट किया कि छोटे वाहनों पर प्रवेश शुल्क 40 रुपए से बढ़ाकर 170 रुपए और भारी वाहनों पर 40 रुपए से बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया गया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह कदम न केवल तर्कहीन है, बल्कि हिमाचल प्रदेश की पर्यटन अर्थव्यवस्था के लिए आत्मघाती भी है।

इसके अलावा, विधानसभा में एक अधिनियम पारित करके सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 5 रुपए का ‘विधवा और अनाथ उपकर’ लगाकर जनता पर भारी बोझ डालने का रास्ता खोल दिया है।

विपक्ष के नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सीमावर्ती जिलों के निवासियों के लिए यह निर्णय दैनिक आर्थिक जबरन वसूली के समान बोझ बन जाएगा, जिससे आम जनजीवन और व्यावसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप्प होने की कगार पर पहुंच जाएंगी।

उन्होंने कहा कि स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इस कर वृद्धि के विरोध में पड़ोसी राज्यों के लोगों ने आज रात से राज्य में वाहनों के प्रवेश को रोकने की चेतावनी जारी की है, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती खड़ी हो सकती है।

भाजपा ने सरकार पर बिगड़ती स्थिति से कोई सबक न लेने और जनहित को गंभीरता से न लेने का आरोप लगाया है। इसके बजाय, अनावश्यक आर्थिक बोझ डालकर सरकार राज्य को आर्थिक अराजकता की ओर धकेल रही है।

विपक्ष ने कड़ी चेतावनी जारी की है: यदि सरकार जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रवेश शुल्क और ईंधन पर लगाए गए उपकर में तत्काल वृद्धि वापस नहीं लेती है, तो यह आंदोलन सदन से सड़कों तक और भी तेज किया जाएगा।

इसी बीच, मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खु ने दोपहर के भोजन के बाद विधानसभा में एक बयान में टोल टैक्स बैरियरों के संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि इस संबंध में जानबूझकर भ्रम और असंतोष फैलाया जा रहा है।

उन्होंने घोषणा की कि टोल टैक्स संरचना की एक बार फिर समीक्षा की गई है और कारों से लेकर 12 सीटों वाले वाहनों तक के लिए प्रवेश कर की दरों को उनके पूर्व स्तर पर वापस लाने का निर्णय लिया गया है।

उन्होंने सदन को सूचित किया कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया था, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

--आईएएनएस

एमएस/

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